परिवार के विवादों में थोपा फैसला न्याय नहीं लगता:मध्यस्थता सबसे बेहतर; सुप्रीम कोर्ट जज बोले- वसुधैव कुटुंबकम भूल जाइए, अब परिवार एक रखना चुनौती बना
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सुप्रीम कोर्ट के जज एनवी अंजारिया ने परिवार के विवादों पर अहम बात कही। गुवाहाटी में रविवार को कहा कि कोर्ट से मिले समाधान अक्सर आर्टिफिशियल हो जाते हैं। जस्टिस अंजारिया ने कहा कि कई पक्षों को लगता है कि उन पर न्याय थोपा गया है। ऐसा न्याय उनके लिए भ्रम जैसा होता है और अन्याय का रूप ले सकता है।
उन्होंने फैमिली विवादों के समाधान के लिए मध्यस्थता को सबसे सही बताया। उन्होंने कहा कि ये इंसानी भावनाओं और संवेदनशीलता से जुड़े विवाद होते हैं। जस्टिस अंजारिया गुवाहाटी में आयोजित ‘फैमिली विवादों में ADR बनाम न्यायिक फैसला: चुनौतियां और आगे का रास्ता’ विषय पर ईस्टर्न जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे।
फैमिली कोर्ट में बढ़ रही विवादों की संख्या फैमिली मुकदमों में बढ़ोतरी के संदर्भ में जस्टिस अंजारिया ने कहा, “भारत के संस्कार और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ को भूलिए। अब हम एक परिवार को भी एकजुट रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।” फैमिली विवाद इंसानी भावनाओं और संवेदनशीलता से जुड़े होते हैं। ऐसे विवादों में कोर्ट या जजों के बनाए गए कानूनों से निकले समाधान कई बार आर्टिफिशियल हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि फैमिली विवादों की बढ़ती संख्या का मुद्दा जस्टिस कुरियन जोसेफ ने 2008 में ही उठाया था। उन्होंने कहा, “कई मामलों में पक्षों को लगता है कि उन पर न्याय थोपा गया है। जब न्याय थोपा या लादा जाता है, तो वह भ्रम जैसा होता है और अन्याय का रूप ले लेता है।” जस्टिस अंजारिया ने दो दिन चले सम्मेलन के समापन समारोह में कहा कि फैमिली विवाद का समाधान सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रक्रिया भी है।
उन्होंने एक मामले का हवाला देते हुए कहा, “ उन्होंने कहा कि न्याय तक पहुंच का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि हर उपलब्ध मंच पर सभी कानूनी उपाय अपनाकर मुकदमों की संख्या बढ़ाई जाए। जस्टिस अंजारिया ने कहा कि मौजूदा समय में स्थिति और खराब है। फैमिली विवाद लगातार बढ़ते हुए एक के बाद एक नए विवादों को जन्म दे रहे हैं।
फैमिली कोर्ट्स एक्ट पर सवाल जस्टिस अंजारिया ने पूर्वोत्तर राज्यों के कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों से पूछा कि क्या फैमिली कोर्ट्स एक्ट को अलग नजरिए से देखा गया है। उन्होंने कहा, “क्या आपने इसके प्रावधानों को ध्यान से पढ़ा है?
इसके उद्देश्य में कहा गया है कि कानून फैमिली विवादों के समाधान के ल
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar