राजनीति

पश्चिम बंगाल में TMC के 10 बागी विधायकों को नोटिस:विधानसभा सचिवालय ने अयोग्यता याचिका पर 7 दिन में जवाब मांगा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 15 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पश्चिम बंगाल में TMC के 10 बागी विधायकों को नोटिस:विधानसभा सचिवालय ने अयोग्यता याचिका पर 7 दिन में जवाब मांगा

पश्चिम बंगाल विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट से जुड़े 10 विधायकों को नोटिस भेजा। उनसे एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है। यह नोटिस ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से दायर अयोग्यता याचिका पर भेजा गया है। इस याचिका के बाद पार्टी में चल रहा सत्ता संघर्ष अब औपचारिक कार्यवाही में बदल गया है।

इन विधायकों को भेजा गया नोटिस नोटिस विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी और नौ अन्य विधायकों को भेजे गए हैं। इनमें अरूप रॉय, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, अखरुज्जमान अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, विप्लव मित्रा, जावेद खान और रतिन घोष शामिल हैं। मंगलवार देर रात यह मामला सामने आया। बागी विधायक अखरुज्जमान अंसारी ने नोटिस मिलने की पुष्टि की।

उन्होंने कहा- हम पार्टी के भीतर इस मामले पर चर्चा करेंगे। इसके बाद समय पर जवाब देंगे। एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा है मामला यह घटनाक्रम वरिष्ठ TMC विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय की सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका के एक दिन बाद सामने आया। चट्टोपाध्याय ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से विधानसभा में विपक्ष के नेता पद के उम्मीदवार हैं।

उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी और नौ अन्य विधायकों को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की है। चट्टोपाध्याय ने 7 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष रथिन बोस को पत्र लिखकर 10 विधायकों की अयोग्यता की मांग की थी। विपक्ष के नेता की नियुक्ति का मामला पहले से ही कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है।

चट्टोपाध्याय ने विधानसभा अध्यक्ष के रितब्रत बनर्जी को इस पद पर मान्यता देने के फैसले को चुनौती दी है। ऋतब्रत गुट के पास 65 विधायकों के समर्थन का दावा दल-बदल कानून के तहत यह कार्रवाई ऋतब्रत बनर्जी के विपक्ष का नेता चुने जाने के बाद हुए घटनाक्रम से जुड़ी है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने इस पद के लिए सोवनदेव चट्टोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया था।

इसके बावजूद ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना गया। बागी गुट का दावा है कि उसे TMC के 80 में से 65 विधायकों का समर्थन हासिल है। इसके बाद उसने अखरुज्जमान अंसारी को मुख्य सचेतक चुना और समानांतर संगठनात्मक गतिविधियां शुरू कीं। इस कदम से पार्टी नेतृत्व के अधिकार को चुनौती मिली। दोनों गुट अब पार्टी नेतृत्व के साथ विधानसभा में अपनी स्थिति की वैधता के लिए भी

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट के दस विधायकों को नोटिस भेजा गया है, ताकि वे एक हफ्ते के भीतर अयोग्यता याचिका के जवाब दें। यह कदम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट और विपक्ष के बीच सत्ता संघर्ष को औपचारिक कानूनी प्रक्रिया में बदलता है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पार्टी की आंतरिक एकता पर असर पड़ेगा और चुनावी रणनीति प्रभावित होगी। आम जनता पर इसका असर चुनावी माहौल में अस्थिरता, नीति निर्माण में देरी, और यदि विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाता है तो क्षेत्रीय व

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।