पाताल लोक में समा जाएंगे मुंबई और कोलकाता, 14 मिलियन लोगों के आशियाने को निगल जाएगा 'राक्षस'
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हाल ही में आई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने मुंबई और कोलकाता में रहने वाले लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते समुद्र का जलस्तर बढ़ने से मुंबई और कोलकाता के 1.4 करोड़ लोगों के घर डूबने का खतरा पैदा हो गया है. ग्लोबल वार्मिंग से ग्लेशियर पिघलने से समंदर में पानी बढ़ रहा है.
📡 स्रोत: News18 Hindi
💡 पृष्ठभूमि (Background)
ग्लोबल वार्मिंग के कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ने से मुंबई और कोलकाता के 1.4 करोड़ लोगों के घर डूबने का खतरा बढ़ गया है। यह विषय जलवायु परिवर्तन और शहरी सुरक्षा के बीच के जटिल संबंध को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दो प्रमुख भारतीय महानगरों के लिए तत्काल जोखिम को सामने लाती है, जिससे नीतिगत निर्णय और आपातकालीन योजनाओं पर दबाव बढ़ता है। आम जनता पर इसका असर गहरा है: घरों की हानि, आर्थिक क्षति, और लाखों लोगों का विस्थापन, जिससे सामाजिक और आर्थिक असमानता और बढ़ सकती है।