पति ने पत्नी को 3 दिन बंधक बनाकर पीटा:पति पर दूसरी युवती से बात करने को लेकर विवाद,सास-ससुर पर भी पीटने का आरोप,अंबिकापुर रेफर
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रामानुजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कनकपुर में एक महिला के साथ कथित तौर पर तीन दिनों तक मारपीट कर बंधक बनाए रखने का मामला सामने आया है। महिला के परिजनों का आरोप है कि पति के किसी दूसरी युवती से बातचीत करने पर पत्नी ने टोका था, जिससे नाराज होकर उसने मारपीट शुरू कर दी। महिला के मुताबिक, चौथे दिन सास-ससुर ने भी उसके साथ मारपीट की।
गंभीर रूप से घायल महिला को पुलिस की मदद से घर से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां शुरुआती इलाज के बाद उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। पति को दूसरी युवती से बात करते देखा, इसके बाद विवाद जानकारी के अनुसार, ग्राम कनकपुर निवासी अली अहमद की शादी गुलशन आरा (21) से हुई है। दोनों की करीब डेढ़ वर्ष की एक बच्ची भी है।
गुलशन आरा के अनुसार, 2 अक्टूबर को उसने अपने पति को किसी दूसरी युवती से बातचीत करते देखा। इस पर उसने पति को टोका। आरोप है कि इसके बाद पति नाराज हो गया और उसी दिन से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। गर्दन पर चोट, मुंह में कपड़ा ठूंसने और छाती पर चढ़ने का आरोप महिला के मुताबिक, 4 अक्टूबर को मारपीट और गंभीर हो गई।
आरोप है कि पति के साथ उसकी सास और ससुर ने भी मारपीट की। महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि उसके गर्दन पर गंभीर चोट पहुंचाई गई, मुंह में कपड़ा ठूंसा गया और छाती पर जूते पहनकर चढ़ा गया। इन आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। परिजनों को मिलने नहीं दिया, पुलिस से मांगी मदद मोहल्ले के लोगों को जब महिला के साथ लगातार मारपीट की जानकारी हुई तो उन्होंने उसके बड़े पिताजी और अन्य परिजनों को सूचना दी।
इसके बाद बरगढ़-उरगा क्षेत्र से परिजन कनकपुर पहुंचे।परिजनों का आरोप है कि उन्हें महिला से मिलने नहीं दिया गया और कथित तौर पर घर से भगा दिया गया। इसके बाद वे रामानुजगंज थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस की मदद से घर से बाहर निकाली गई महिला परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस बल उनके साथ ग्राम कनकपुर पहुंचा।
पुलिस ने महिला को वहां से बाहर निकालकर रामानुजगंज थाने लाया। इसके बाद उसे चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने महिला की स्थिति को देखते हुए शुरुआती इलाज के बाद उसे अंबिकापुर रेफर कर दिया। मामले में आगे की कार्रवाई महिला के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
इस दुखद घटना से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू विवादों का समाधान हिंसा से नहीं, बल्कि संवाद और कानूनी मार्ग से होना चाहिए। जब भावनाएँ उफनें, तो शांति से बात करें, मध्यस्थता के लिए परिवार या समाज के विश्वसनीय सदस्यों से मदद लें। यदि स्थिति बिगड़ती है, तो पुलिस और न्यायालय की सहायता अवश्य लें। समाज को सहानुभूति और समर्थन की संस्कृति अपनानी चाहिए, ताकि हर किसी को सुरक्षित और सम्मानित जीवन मिले।