पटना में पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया उद्घाटन
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युवाओं को बताया देश और राज्य का भविष्य निर्माता, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का किया आह्वान।
01 नवंबर, पटना (पटना, बिहार) : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल में पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को देश और राज्य के भविष्य का निर्माता बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मंत्री अशोक चौधरी, सांसद शांभवी चौधरी, तरारी विधायक विशाल प्रशांत समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के माध्यम से युवाओं को संसदीय प्रक्रिया, लोकतांत्रिक व्यवस्था और समसामयिक विषयों पर चर्चा करने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में बिहार को लोकतंत्र की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि दुनिया में लोकतंत्र की नींव इसी धरती से पड़ी थी। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को भी याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है, जबकि नीतीश कुमार का सपना समृद्ध बिहार बनाना है। उन्होंने जेनरेशन जेड (Gen Z) और जेनरेशन अल्फा (Gen Alpha) का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत और बिहार का भविष्य युवाओं के हाथों में होगा। सरकार युवाओं के हितों और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है।
वहीं, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने ज्ञान निकेतन स्कूल की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मॉक पार्लियामेंट और वाद-विवाद कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। युवाओं को यह समझने का अवसर मिलता है कि वे केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश के भविष्य के निर्माता भी हैं। ऐसे आयोजन लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ाने और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक शायन कुणाल ने भी इस आयोजन के उद्देश्य और महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने संसदीय कार्यप्रणाली को करीब से समझने, अपने विचार रखने और लोकतांत्रिक परंपराओं से जुड़ने के अनुभव साझा किए।
कुल मिलाकर, पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था की समझ विकसित करने, नेतृत्व क्षमता निखारने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका पहचानने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है।