पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के पांच वर्ष पूरे
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अक्टूबर 13, नई दिल्ली: 21वीं सदी का भारत आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी व्यवस्थाओं में बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान पहल ने पांच वर्ष पूरे कर लिए हैं। इसका उद्देश्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की योजना को बेहतर बनाना, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाना और संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
13 अक्टूबर 2021 को शुरू की गई इस पहल के तहत सड़क, रेलवे, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी जानकारियों को एक साझा डिजिटल मंच पर एकीकृत किया गया है। भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी GIS पर आधारित यह मंच केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ योजनाएं तैयार करने में मदद करता है।
इस डिजिटल मंच के जरिए परियोजनाओं की जरूरतों का आकलन करने, उपयुक्त मार्गों की पहचान करने और संपर्क सुविधाओं में मौजूद कमियों को दूर करने में सहायता मिलती है। साथ ही, परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने और आंकड़ों के विश्लेषण के जरिए बेहतर निर्णय लेने में भी मदद मिलती है।
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान में केंद्र सरकार के 58 मंत्रालयों और विभागों के साथ सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। अक्टूबर 2025 में इस मंच को निजी क्षेत्र के लिए भी खोला गया, ताकि बुनियादी ढांचे की योजना और निवेश से जुड़े फैसलों में चयनित आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा सके।
इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है, जिससे यात्रियों और माल की आवाजाही सुगम हो सके। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, कृषि केंद्रों और बाजारों तक पहुंच मजबूत करने तथा आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के पांच वर्ष पूरे होने के साथ बुनियादी ढांचा विकास, डिजिटल समन्वय और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में इस पहल की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।