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पीएम मोदी की 13 साल बाद श्रीराम कॉलेज में स्पीच:बोले- यहां के पूर्व छात्र OG, दुनिया में धूम मचाई; जेन-जी को दिए 7 मैसेज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 9 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
पीएम मोदी की 13 साल बाद श्रीराम कॉलेज में स्पीच:बोले- यहां के पूर्व छात्र OG, दुनिया में धूम मचाई; जेन-जी को दिए 7 मैसेज

पीएम मोदी 13 साल बाद शनिवार शाम मेट्रो से यात्रा कर दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। यहां कॉलेज की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह मनाया गया। इवेंट के दौरान पीएम ने जेन-जी को संबोधित किया। उन्होंने कहा- यहां पूर्व छात्र OG (पुराने खिलाड़ी) हैं।

वे धुरंधर भले न हों, पर दुनियाभर में धूम तो मचाई है। पीएम ने जेन-जी स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए दिमागी नक्सल, झूठ की गूंज, माई-बाप कल्चर, नाराज फूफा जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया। पीएम ने अपनी स्पीच में 2013 में की श्रीराम कॉलेज की यात्रा का जिक्र भी किया। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

पीएम मोदी के जेन-Z को दिए मैसेज के 7 पॉइंट्स… 1.

SRCC के पूर्व छात्र OG, दुनिया में धूम मचाई: यहां के पूर्व छात्र को जेन-जी लैंग्वेज में कहा जाए तो OG यानी पुराने खिलाड़ी हैं। वे भले ‘धुरंधर’ न हों, लेकिन उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी धूम मचाई। 2.

यहां दिया 2013 का भाषण आज भी याद: 13-14 साल बाद भी SRCC में दिया भाषण आज भी चर्चा में है और नई पीढ़ी भी उसे दोबारा देख रही है। तब कहा था कि किसी को गिलास आधा खाली दिखता है, किसी को आधा भरा और किसी को आधा पानी और आधा हवा से भरा। सही नजरिया हर स्थिति में उम्मीद देखना है। 3. 2013 के हालात से भारत काफी आगे आया: 2013 में बैंकिंग सिस्टम तबाह कर दिया गया था।

2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया। हमारी सरकार में कोविड, रूस-यूक्रेन वॉर, ईरान वॉर जैसे संकट आए। हम सबसे उबर गए। कुछ लोगों के लगा कि अब मोदी को कुचल देंगे। मेरे देश के लोगों की जुबान में इतना दम है कि बुरा चाहने वालों की हसरत दबी रह जाती है। 4.

हर बात पर तंज कसने वाले 'नाराज फूफा': हर बात पर इसकी क्या जरूरत है कहने वाले लोग ‘नाराज फूफा’ हैं। इनका एक ही डायलॉग होता है, इसकी क्या जरूरत है। इन लोगों ने बुलेट ट्रेन, यूपीआई और नई संसद जैसे कामों पर भी सवाल उठाया। 5.

पीएम ने दिमागी नक्सल और होम्योपैथी की गोली का जिक्र किया: 15 अगस्त को मैंने ‘दिमागी नक्सल’ कहकर ऐसी ‘होम्योपैथी की गोली’ दी। होम्योपैथी का इलाज बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। जैसे ही मैंने ये गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बाहर आने लगे। जनता उनका असली रंग देख रही है। 6.

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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