पीएम मोदी आज ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल जाएंगे:राष्ट्रपति मिर्जियोयेव से द्विपक्षीय बैठक, व्यापार और निवेश पर होगी बात
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन के उज्बेकिस्तान दौरे पर है। आज पीएम ताशकंद में शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर जाएंगे। प्रधानमंत्री के रूप में यह उनका चौथा उज्बेकिस्तान दौरा होगा। ताशकंद में मोदी और राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के बीच बैठक होगी। इसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में भारत के विकसित भारत 2047 और उज्बेकिस्तान-2030 विजन के तहत सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर भी बात होगी। इसके बाद किर्गिस्तान के बिश्केक रवाना होंगे। मोदी का उज्बेकिस्तान दौरा, 4 तस्वीरें किर्गिस्तान दौरा: मोदी SCO समिट में शामिल होंगे, जिनपिंग-पुतिन से मुलाकात उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहेंगे।
यहां वे SCO की 26वीं समिट में हिस्सा लेंगे। भारत 2017 से SCO का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। समिट के दौरान मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के नेताओं से मुलाकात हो सकती है।
मोदी बिश्केक में होने वाले 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा; 4 पॉइंट 1.
खनिजों का भंडार: भारत लंबे समय से मध्य एशिया के देशों के साथ अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। मध्य एशिया तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का बड़ा भंडार है। 2.
ऊर्जा जरूरत: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए इस क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। 3.
नए बिजनेस रूट: भारत मध्य एशिया के देशों के साथ व्यापार भी बढ़ाना चाहता है। इसके लिए वह नए व्यापार और परिवहन मार्ग विकसित करने पर काम कर रहा है। 4.
आतंकवाद के खिलाफ मुहिम: अफगानिस्तान की स्थिति और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी भारत इन देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के पिछले 3 उज्बेकिस्तान दौरे 2015: प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार उज्बेकिस्तान पहुंचे थे। इस दौरे में दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। 2016: मोदी ताशकंद में SCO समिट में शामिल हुए थे। इसी सम्मेलन के दौरान भारत को संगठन की पूर्ण सदस्
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ताशकंद दौरा एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौर में शास्त्री मेमोरियल और महात्मा गांधी सेंटर की यात्रा के साथ-साथ राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव से द्विपक्षीय बैठक होगी, जहाँ व्यापार, निवेश, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा होगी। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच 2047 और 2030 विजन के तहत गहन सहयोग की दिशा दर्शाती है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। आम जनता के लिए इसका अर्थ रोज