पीएम मोदी ने UPSC के शताब्दी समारोह को किया संबोधित
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अक्टूबर 01, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संघ लोक सेवा आयोग के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने इस अवसर पर सभा को संबोधित भी किया। यह कार्यक्रम उन साल भर चलने वाले समारोहों का समापन है जो पिछले साल 1 अक्टूबर से शुरु हुए थे और 1926 में यूपीएससी की स्थापना के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे थे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने यूपीएससी के चयन मानदंड को भविष्य की जरूरतों के अनुरुप बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2047 का भारत आज के भारत से अलग होगा और युवाओं की आकांक्षा काफी बड़ी होगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने यूपीएससी शताब्दी स्मारक सिक्का, एक स्मारक डाक टिकट और 'भारत में यूपीएससी और लोक सेवा आयोगों की नीतियों को आकार देने वाले - 100 ऐतिहासिक निर्णय' नामक पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने नागरिक देवो भव: के मंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि आज 21वीं सदी का भारत, एक नई कार्य-संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर एआई के कारण सेवा में आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब चयन प्रकिया में जटिल समस्याओं और दूर दृष्टि को प्राथमिकता देनी होगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और सूझबूझ की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने कहा कैप्टन स्मित मच्छार का साहस हर देशवासी को गौरव से भर देता है।
बाइट: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (वीडियो कैप्शन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संघ लोक सेवा आयोग के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने इस अवसर पर सभा को संबोधित भी किया।)