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पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने फिर से स्‍वदेशी वस्‍तुओं को अपनाने का आह्वान किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने फिर से स्‍वदेशी वस्‍तुओं को अपनाने का आह्वान किया

रायपुर, 2 सितंबर 2026

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने एक बार पुन: लोगों से स्‍वदेशी वस्‍तुओं को अपनाने, सोने की अनावश्‍यक खरीद और विदेशों में शादी-ब्‍याह करने से बचने का आह्वान किया है। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश में लोगों से कहा है कि वे विदेशों में छुट्टियां मनाने, दूसरे देशों में जाकर शादी-ब्‍याह करने और आवश्‍यक न हो तो सोने की खरीददारी करने से परहेज करे।

उन्‍होंने देशवासियों को 7.8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल करने पर बधाई दी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने तथा स्वदेशी उत्पादों के उपयोग पर अधिक बल देने की आवश्यकता बताई।

श्री मोदी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता, युद्धों, संकटों और आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधाओं के बावजूद भारत तीव्र गति से प्रगति कर रहा है। उन्‍होंने अपने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में कुछ लोग निराशा के माहौल में डूबे हुए हैं और हर तरफ झूठ फैला रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि देश के युवा आज जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे उनके सपने साकार होंगे। उन्होंने नागरिकों से देश की प्रगति में योगदान जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां और इरादे सही हैं।

देश में कच्‍चे तेल के बाद सोना ही ऐसी दूसरी वस्‍तु है जिसका सार्वधिक आयात किया जाता है। सोने की थोक मात्रा में खरीद बंद करने से देश के कुल आयात बिल में भारी कमी आएगी।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आह्वान किया है। यह विषय भारतीय अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के प्रयासों से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्तर पर उपभोग पैटर्न में बदलाव लाने और विदेशी निर्भरता घटाने का संकेत देती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि लोग घरेलू उत्पादों का अधिक उपयोग करेंगे, विदेशी वस्तुओं की मांग घटेगी, और अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी, जिससे आर्थिक स्थिरता में सुधार संभव है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।