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पीलीभीत में रामलीला विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या:आरोपी5 गाड़ियों का काफिला लेकर आया, सनरूफ से खड़े होकर की फायरिंग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पीलीभीत में रामलीला विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या:आरोपी5 गाड़ियों का काफिला लेकर आया, सनरूफ से खड़े होकर की फायरिंग

पीलीभीत में रात करीब 9 बजे अमरिया कस्बे में बाजार की चहल-पहल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। कारोबारी मोहित गुप्ता अपनी दुकान के सामने अपने भाई अंकित, चचेरे भाई अश्वनी और कुछ दोस्तों के साथ खड़े थे। कुछ घंटे पहले ही रामलीला कमेटी के आय-व्यय के हिसाब को लेकर बैठक में कहासुनी हुई थी। हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करके मामला शांत करा दिया था।

इसके बाद सब कुछ सामान्य नजर आने लगा था। लेकिन रात में अचानक पांच गाड़ियों का काफिला वहां पहुंचा। आरोप है कि एक गाड़ी के सनरूफ से मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता बाहर निकला। उसके हाथ में एकनाली राइफल थी। उसने गाली-गलौज करते हुए मोहित और अंकित को ललकारा। इसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर बाजार में भगदड़ मच गई।

लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान मोहित, अंकित और 18 साल के कुणाल श्रीवास्तव की गोली लगने से मौत हो गई। अश्वनी भी छर्रे लगने से घायल हो गया। वारदात के बाद हमलावर गाड़ियों से फरार हो गए। मृतकों की चचेरी बहन सेजल ने आरोप लगाया कि हमलावर रंजिश के चलते उनके परिवार को निशाना बनाने आए थे।

कुछ घंटे पहले बैठक में हुआ था विवाद मृतकों के परिवार के मुताबिक, घटना से कुछ घंटे पहले रामलीला कमेटी के आय-व्यय के हिसाब को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में इस मुद्दे पर तीखी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद बुजुर्गों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद मामला शांत हो गया।

बैठक के बाद मोहित और अंकित अपनी दुकान के सामने खड़े थे। उनके साथ चचेरे भाई अश्वनी और कुछ दोस्त भी मौजूद थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटे पहले हुई कहासुनी इतनी बड़ी वारदात में बदल जाएगी। सेजल के मुताबिक, आरोपियों ने इसी विवाद को लेकर हमला किया। हालांकि, वारदात की असली वजह और घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस की जांच से होगी।

पांच गाड़ियों में पहुंचे हमलावर, सनरूफ से बाहर निकला आरोपी रात करीब 9 बजे अचानक दुकान के सामने कई गाड़ियां आकर रुकीं। मृतकों की चचेरी बहन सेजल के मुताबिक, हमलावर पांच गाड़ियों में आए थे। उनके पहुंचते ही माहौल बदल गया। आरोप है कि आगे चल रही गाड़ी के सनरूफ से कौशल गुप्ता बाहर निकला। उसके हाथ में एकनाली राइफल थी।

उसने गाली-गलौज करते हुए चुनौती दी- 'दम है तो आओ, हमसे लड़ो!' उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग सहम गए। बाजार में मौजूद राहगीरों और दुकानदारों को खतरे का अंदेशा हुआ। लोग वहां से हटने लगे। मोहित और अंकित ने भी खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन इससे पहले कि वे सुरक्षित जगह पहुंच पाते, फायरिंग शुरू हो गई।

मोहित और अंकित को संभलने का मौका नहीं मिला आरोप है कि कौशल ने सनरूफ से राइफल निकालकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग दुकानों की ओर भागे तो कुछ ने दूसरी तरफ भागकर जान बचाने की कोशिश की। मोहित गुप्ता को गोली लगी और वह सड़क पर गिर पड़े। उनके भाई अंकित भी फायरिंग की चपेट में आ गए।

दोनों भाइयों को बचने का मौका नहीं मिला। कुछ ही देर में घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। वारदात के दौरान वहां मौजूद चचेरे भाई अश्वनी भी छर्रे लगने से घायल हो गए। एक ही परिवार के लोगों पर हुए हमले से मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। रास्ते से गुजर रहा युवक को भी लगी गोली फायरिंग के दौरान 18 साल का कुणाल श्रीवास्तव भी इसकी चपेट में आ गया।

परिवार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, कुणाल का रामलीला कमेटी के विवाद से कोई संबंध नहीं था। वह वहां से गुजर रहा था। बताया गया कि पहली गोली कुणाल की बाईं कोहनी में लगी। घायल होने के बाद उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन दूसरी गोली उसके सिर में लग गई। इससे उसकी मौत हो गई। इस घटना ने वारदात की गंभीरता और बढ़ा दी।

विवाद किसी और बात को लेकर था, लेकिन उसकी चपेट में एक ऐसा युवक भी आ गया, जिसका उससे कोई लेना-देना नहीं बताया जा रहा है। गोलियां थमने के बाद सड़क पर मची चीख-पुकार फायरिंग के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल था। तीन लोगों की मौत हो चुकी थी और अश्वनी घायल थे। परिवार के लोग अपने परिजनों को संभालने में जुटे थे।

कुछ देर पहले तक जो लोग दुकान के सामने खड़े थे, वहां अब मातम पसरा था। मोहित और अंकित की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, कुणाल की मौत से उसके परिजनों की दुनिया भी उजड़ गई। वारदात के बाद हमलावर अपनी गाड़ियों से मौके से निकल गए। घटना की जानकारी फैलते ही कस्बे में दहशत का माहौल बन गया।

स्थानीय लोग यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर बैठक में हुए विवाद के बाद मामला यहां तक कैसे पहुंच गया। भाइयों की मौत के बाद बिलख उठी सेजल, बोली- इंसाफ चाहिए अपने भाइयों को खोने के बाद सेजल का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिन लोगों को उसने कुछ देर पहले अपने सामने देखा था, उनकी मौत ने उसे तोड़ दिया।

परिवार के लोगों के लिए इस घटना पर यकीन करना मुश्किल था। सेजल ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उसका कहना था कि परिवार ने अपने लोगों को खो दिया है और अब उन्हें इंसाफ चाहिए। अपने भाइयों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। परिवार के लिए यह घटना सिर्फ तीन लोगों की मौत नहीं, बल्कि ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

एक विवाद के बाद हुई इस फायरिंग ने तीन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। CCTV कैमरे, आधा दर्जन से ज्यादा DVR पुलिस ने लिए जिस जगह फायरिंग हुई, उसके आसपास कई दुकानों और प्रतिष्ठानों में CCTV कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त आसपास के कुछ कैमरे चालू थे और वारदात की तस्वीरें उनमें रिकॉर्ड हुई हो सकती हैं।

एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह रात में दुकान बंद करके घर चला गया था। वारदात के बाद पुलिस का फोन आया और दुकान खुलवाने के लिए कहा गया। दुकानदार के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने दुकान खुलवाकर CCTV कैमरों का DVR अपने कब्जे में ले लिया। दुकानदार ने बताया कि पुलिस आधा दर्जन से अधिक DVR अपने साथ ले गई है।

इन कैमरों की रिकॉर्डिंग से हमलावरों की गाड़ियों, उनके आने-जाने के रास्ते और घटना के समय की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिल सकती है। अब जांच में CCTV फुटेज अहम हो सकती है। हालांकि, रिकॉर्डिंग में क्या-क्या कैद हुआ है और उससे पुलिस को क्या जानकारी मिली है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

रामलीला कमेटी के विवाद से ट्रिपल मर्डर तक, जांच के अहम सवाल इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है। परिवार ने रामलीला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद को हमले की वजह बताया है। वहीं, घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के DVR पुलिस ने अपने कब्जे में लिए हैं। जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि पांच गाड़ियों में कौन-कौन लोग आए थे, फायरिंग में किसकी क्या भूमिका थी और घटना से पहले आरोपियों के बीच क्या बातचीत हुई थी।

इसके साथ ही पुलिस को बैठक में हुए विवाद और फायरिंग के बीच संबंध की भी जांच करनी होगी। फिलहाल, परिवार अपने तीन लोगों को खोने के गम में है। अमरिया कस्बे में हुई इस वारदात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और सामने आने वाले साक्ष्यों से ही मिल सकेंगे।

📡 स्रोत: NewsData.io

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