पितृपक्ष में देवघर की शिवगंगा में उमड़ा आस्था का सैलाब
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पितृपक्ष के दौरान देवघर की पवित्र शिवगंगा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, लोग विधि-विधान से पितरों का तर्पण कर उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं।
Short Headline: पितृपक्ष में देवघर की शिवगंगा में उमड़ा आस्था का सैलाब
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एंकर पितरों के मोक्ष और उनकी आत्मा की शांति के लिए पितृपक्ष का विशेष महत्व माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से अमावस्या तक चलने वाले इस विशेष काल में लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं। देवघर के पवित्र शिवगंगा में भी पितरों को जल अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु मंत्रोच्चार के साथ अपने पूर्वजों का तर्पण कर रहे हैं।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ-1 देवघर की पवित्र शिवगंगा... जहां पितृपक्ष के मौके पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं और विधि-विधान के साथ अपने पितरों को जल अर्पित कर रहे हैं। मान्यता के अनुसार पितृ तर्पण से पहले ऋषि तर्पण किया जाता है। पितृपक्ष के शुरुआती दिनों में ऋषियों का तर्पण करने की परंपरा है, जिसके बाद अपने पूर्वजों को तर्पण देकर उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना की जाती है।
विजुअल-तर्पण
वीओ-2 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष का समय पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर माना जाता है। इसी विश्वास के साथ श्रद्धालु शिवगंगा में स्नान और पूजा-अर्चना के बाद पुरोहितों के मार्गदर्शन में मंत्रोच्चार के बीच तर्पण कर रहे हैं। पुरोहितों का कहना है कि पितरों को जल अर्पित करने से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और वैभव की कामना की जाती है।
बाइट - विकास महाराज, पुरोहित
वीओ-3 पितरों के प्रति आस्था का यह सिलसिला सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार की परंपरा और पूर्वजों के प्रति सम्मान से भी जुड़ा है। श्रद्धालु अपने पूर्वजों को याद करते हुए पूरे विधि-विधान से तर्पण कर रहे हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
बाइट - सुनील महाराज, तर्पणकर्ता
अंतिम वीओ देवघर की शिवगंगा में गूंजते मंत्रोच्चार और पितरों के नाम अर्पित होता जल... पितृपक्ष के दौरान यहां आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि अपने पूर्वजों का स्मरण और तर्पण कर वे न सिर्फ उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं, बल्कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए भी आशीर्वाद मांगते हैं।
देवघर से मनीष दुबे की रिपोर्ट।