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पितृपक्ष मेला-त्योहारों में यात्रियों की भीड़ संभालने को रेलवे तैयार:स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, प्रमुख स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया; 24x7 निगरानी के लिए वार रूम

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पितृपक्ष मेला-त्योहारों में यात्रियों की भीड़ संभालने को रेलवे तैयार:स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, प्रमुख स्टेशनों पर बनेंगे होल्डिंग एरिया; 24x7 निगरानी के लिए वार रूम

पितृपक्ष मेला और आगामी त्योहारों के दौरान ट्रेनों और स्टेशनों पर बढ़ने वाली यात्रियों की भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। देश के अलग-अलग शहरों से आने-जाने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा।

प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे। यहां पेयजल, ट्रेन अनाउंसमेंट, मेडिकल बूथ समेत अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने सोमवार को हाजीपुर स्थित मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर पितृपक्ष मेला और आगामी त्योहारों को लेकर रेलवे की तैयारियों की जानकारी दी।

प्रमुख स्टेशनों पर 24x7 निगरानी, बनेगा वार रूम महाप्रबंधक ने बताया कि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए वार रूम बनाया जाएगा। यहां से प्रमुख स्टेशनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। भीड़ की स्थिति के अनुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की जाएंगी।

प्लेटफॉर्म के साथ फुट ओवरब्रिज और सर्कुलेटिंग एरिया में भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि भीड़ के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। सामान्य बोगियों में कतार से चढ़ेंगे यात्री लंबी दूरी की ट्रेनों की सामान्य बोगियों में यात्रियों की अधिक भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

यात्रियों को कतारबद्ध तरीके से ट्रेन में चढ़ाने के लिए RPF और वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों की तैनाती होगी। रेलवे का प्रयास रहेगा कि प्लेटफॉर्म पर भीड़ एक जगह जमा नहीं हो और यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से ट्रेन तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए जरूरत के अनुसार होल्डिंग एरिया का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

मोकामा में नए रेल पुल को चालू करने की प्रक्रिया शुरू प्रेस वार्ता में महाप्रबंधक ने रेलवे की आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोकामा में गंगा नदी पर नवनिर्मित रेल पुल को चालू करने के लिए 21 सितंबर से एनआई (नॉन-इंटरलॉकिंग) कार्य शुरू हो गया है।

यह काम 4 अक्टूबर तक चलेगा। पुल के चालू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल परिचालन के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा। इससे इस रूट पर रेल परिचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। विक्रमशिला-कटरिया के बीच नए रेल पुल को मंजूरी भागलपुर के पास विक्रमशिला-कटरिया के बीच गंगा नदी पर नए रेल पुल के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।

महाप्रबंधक के अनुसार अगस्त 2024 में करीब 2,171.34 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को स्वीकृति मिली थी। परियोजना को अगस्त 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नए पुल के निर्माण से इस क्षेत्र में रेल संपर्क को मजबूत करने और भविष्य में ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

डीडीयू-झाझा के बीच 400 किमी में तीसरी-चौथी लाइन रेलवे की ओर से डीडीयू-झाझा रेलखंड की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 400 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाना है। इसके तहत डीडीयू-किऊल के बीच तीसरी और चौथी लाइन तथा किऊल-झाझा के बीच तीसरी लाइन का निर्माण शामिल है। महाप्रबंधक ने बताया कि इस परियोजना को अलग-अलग रेलखंडों में बांटकर काम किया जा रहा है।

चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। 97 स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत पुनर्विकास पूर्व मध्य रेल के अंतर्गत अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 97 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें कई स्टेशनों पर काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। महाप्रबंधक के अनुसार चंदौली मझवार, दौरम मधेपुरा, बनमनखी, गोमो और कतरासगढ़ स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

वहीं, सलौना, सुपौल और लखीसराय समेत कुछ स्टेशनों का काम नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुनर्विकास के तहत स्टेशनों पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और आधुनिक यात्री सुविधाओं से जुड़े काम किए जा रहे हैं।

📡 स्रोत: NewsData.io

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