Podcast: एशियन गेम्स में तीरंदाजी का दमदार प्रदर्शन, जीते 9 पदक- जीवनजोत सिंह तेजा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
अक्टूबर 27, नई दिल्ली: एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को पदक तालिका में चौथा स्थान दिलाया। तीरंदाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 9 पदक जीते। भारतीय तीरंदाजी टीम के मुख्य कोच जीवनजोत सिंह तेजा ने इस प्रदर्शन पर खुशी जताई और खिलाड़ियों की सफलता के पीछे चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाओं की अहम भूमिका बताई।
जीवनजोत सिंह के मुताबिक, तीरंदाजी में खिलाड़ियों के चयन के लिए प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जाती है। लक्ष्य पर निशाना लगाने के दौरान हासिल किए गए अंकों के आधार पर खिलाड़ियों की क्षमता का आकलन किया जाता है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी में प्रदर्शन का आकलन अपेक्षाकृत स्पष्ट तरीके से किया जा सकता है, क्योंकि इसमें निशाने की सटीकता और अंकों की अहम भूमिका होती है।
उन्होंने रिकर्व और कंपाउंड तीरंदाजी के बीच अंतर बताते हुए कहा कि दोनों विधाओं में तकनीक और उपकरण अलग-अलग होते हैं। रिकर्व में धनुष को खींचकर निशाना लगाया जाता है, जबकि कंपाउंड में विशेष यांत्रिक प्रणाली वाले धनुष का इस्तेमाल होता है। दोनों ही विधाएं भारत में लोकप्रिय हो रही हैं।
मुख्य कोच ने अपने करियर का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपने गुरु विनीत कुमार से तीरंदाजी सीखी। बाद में कोच के तौर पर उन्होंने पंजाब में जमीनी स्तर से खिलाड़ियों को तैयार करने का काम शुरू किया। वर्ष 2010 में उन्हें भारतीय टीम के साथ काम करने का अवसर मिला और 2013 में उन्होंने स्थायी रूप से यह जिम्मेदारी संभाली।
जीवनजोत सिंह ने कहा कि भारतीय तीरंदाजी में पिछले एक दशक के दौरान प्रशिक्षण सुविधाओं, उपकरणों और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाने के अवसरों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं, भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), खेल अकादमियों और शिक्षण संस्थानों के सहयोग से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने में मदद मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए खेलों में व्यापक भागीदारी जरूरी है। जमीनी स्तर पर अधिक बच्चों को प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने से प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें उच्च स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
(वीडियो कैप्शन: एशियन गेम्स में तीरंदाजी में भारत ने जीते 9 पदक, मुख्य कोच जीवनजोत सिंह तेजा ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने की अहमियत बताई।)