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PODCAST: संघर्ष से एशियन मेडल तक... जानें सुचिका तरियाल की कहानी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
PODCAST: संघर्ष से एशियन मेडल तक... जानें सुचिका तरियाल की कहानी

अक्टूबर 20, नई दिल्ली: भारतीय खिलाड़ी सुचिका तरियाल ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनकी यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियन गेम्स में इस खेल की शुरुआत के साथ ही उन्होंने पदक हासिल कर अपनी पहचान बनाई।सुचिका का सफर आसान नहीं रहा। बचपन में एक अप्रिय अनुभव ने उन्हें मजबूत बनने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने जूडो से अपने खेल करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।सुचिका ने PB-SHABD के खास पॉडकास्ट में बताया कि आठ साल के अंतराल के बाद MMA में वापसी के दौरान उन्हें पहली फाइट से पहले डर और घबराहट महसूस हुई। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने कोच के प्रोत्साहन से मुकाबले में उतरीं।उनकी सफलता में पति का भी अहम योगदान रहा।

सुचिका के मुताबिक, शादी के बाद उनके पति ने उनके खेल और तैयारियों में पूरा सहयोग दिया, जिससे वह अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकीं।सुचिका ने देश की बेटियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें खुद पर विश्वास रखना चाहिए और मानसिक रूप से मजबूत बने रहना चाहिए। उनकी कहानी संघर्ष, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की मिसाल है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स खिलाड़ी सुचिका तरियाल के एशियन गेम्स में कांस्य पदक जीतने की कहानी पर आधारित है। यह विषय एशियन गेम्स में MMA के नए समावेश और एक महिला एथलीट की संघर्षमय यात्रा को उजागर करता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि किस प्रकार कठिनाइयों के बावजूद दृढ़ संकल्प से राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त की जा सकती है, और यह खेल में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है। आम जनता पर इसका असर प्रेरणादायक हो सकता है, जिससे युवा और विशेषकर लड़कियाँ अपनी क्षमताओं प

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।