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प्रदेश में महिला सांसद खर्च में आगे:सागर की लता वानखेड़े टॉप पर भोपाल सांसद का चौथा नंबर; मुरैना के शिवमंगल तोमर सबसे पीछे

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
प्रदेश में महिला सांसद खर्च में आगे:सागर की लता वानखेड़े टॉप पर भोपाल सांसद का चौथा नंबर; मुरैना के शिवमंगल तोमर सबसे पीछे

सांसद निधि (एमपीलैड्स) खर्च करने के मामले में मध्यप्रदेश देशभर में 13वें नंबर पर है। प्रदेश के 40 सांसदों को मिली 592.6 करोड़ रुपए की राशि में से अब तक सिर्फ 239.5 करोड़ रुपए यानी 40.4% ही खर्च हो पाए हैं। यह आंकड़े सांसदों के मौजूदा कार्यकाल के दौरान अब तक हुए कुल आवंटन और खर्च पर आधारित हैं। निधि खर्च करने के मामले में प्रदेश की महिला सांसद, पुरुष सांसदों से आगे निकल गई हैं। सागर सांसद डॉ.

लता वानखेड़े ने 99.89% राशि खर्च कर प्रदेश में टॉप किया है, वहीं भोपाल सांसद आलोक शर्मा चौथे नंबर पर हैं। मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सबसे पीछे हैं, जिन्होंने अब तक सिर्फ 26.38% राशि ही खर्च की है। प्रदेश की 8 महिला सांसदों ने औसतन करीब 74% राशि खर्च की है, जबकि 23 पुरुष सांसदों की औसत खर्च दर करीब 65% रही।

यानी महिला सांसद पुरुष सांसदों से करीब 9 प्रतिशत अंक आगे हैं। चूंकि केंद्रीय मंत्रियों के पास अतिरिक्त जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए उन्हें और हाल ही में शपथ लेने वाले नए तीन राज्यसभा सदस्यों को भी शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि इनका कार्यकाल अभी शुरू ही हुआ है। आपके सांसदों का हिसाब-किताब, कौन कहां आगे लोकसभा: खर्च में इंदौर सांसद शंकर लालवानी का आंकड़ा 83.22% रहा, तो खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने 78.43% राशि खर्च की।

जबकि खरगोन सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने 14.70 करोड़ में से 11.12 करोड़ खर्च किए। देवास सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी का खर्च 73.84% रहा। उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने 68.05% खर्च किए, ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने 54.82% राशि का उपयोग किया। वहीं नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने 14.70 करोड़ में से 47.36% यानी 6.96 करोड़ राशि खर्च की।

राज्यसभा : मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचे विवेक तन्खा (कार्यकाल 2022-28) ने अब तक मिली 22.05 करोड़ रुपये की राशि में से 18.47 करोड़ यानी 83.75% खर्च कर डाली है, जो प्रदेश के सभी राज्यसभा सदस्यों में सबसे ज्यादा है। इसके बाद डॉ.

कविता पाटीदार (कार्यकाल 2022-28) ने 75.54% राशि खर्च की है। वहीं माया नरोलिया (कार्यकाल 2024-30) ने अब तक 14.70 करोड़ में से 10.62 करोड़ यानी 72.31% राशि का उपयोग किया है, जो उनके साथ ही शपथ लेने वाले कई सांसदों से बेहतर प्रदर्शन है। सांसद निधि से बने काम कितने टिकाऊ: सरकार ने देशभर में सांसद निधि से बने कामों की जमीनी पड़ताल कराई।

सर्वे में शामिल सभी परिसंपत्तियां मौके पर मिलीं, लेकिन इनमें हर 20वां काम बेकार पड़ा मिला। सिर्फ 82% कामों की ही सही देखभाल हो रही थी, जबकि करीब 18% काम बदहाली में मिले। स्वीकृति प्रक्रिया की बात करें तो 87% काम समय पर मंजूर हुए, लेकिन हर आठवें काम की मंजूरी में देरी हुई।

📡 स्रोत: NewsData.io

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