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प्रदेश के सभी जिलों में विकसित किए जा रहे आदर्श संस्कृत ग्राम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
प्रदेश के सभी जिलों में विकसित किए जा रहे आदर्श संस्कृत ग्राम

28 सितम्बर 2026, देहरादून: प्रदेश के सभी जिलों में आदर्श संस्कृत ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य संस्कृत को पाठ्यपुस्तकों से निकालकर आम बोलचाल तक पहुंचाना है, ताकि यह प्राचीन भाषा दैनिक जीवन में भी अपनी जगह बना सके।

वहीं, संस्कृत विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। इससे संस्कृत शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार गैरोला ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत आयोग के गठन की प्रक्रिया इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रस्तावित आयोग के जरिए संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने पर काम किया जाएगा। संस्कृत भाषा को ब्लॉक और ग्राम स्तर तक भी पहुंचाने की योजना है।

(इस स्टोरी फोल्डर में)

बाइट- दीपक कुमार गैरोला, सचिव, संस्कृत शिक्षा

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।