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। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से आम जनता को मिल रही सस्ती दवाएं, गरीबों के लिए वरदान

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
।  प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र से आम जनता को मिल रही सस्ती दवाएं, गरीबों के लिए वरदान

एंकर - केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र आम जनता के लिए वरदान साबित हो रही है। सक्ती जिले में भी जन औषधि केंद्रों से लोगों को बाजार से 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल रही हैं।

वीओ 1- प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का उद्देश्य आम नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है। सक्ती जिले में संचालित जन औषधि केंद्रों पर बीपी, शुगर, बुखार, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं बेहद कम कीमत पर मिल रही हैं।

जिला अस्पताल और मुख्य बाजार क्षेत्र में खुले इन केंद्रों पर ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले जेनेरिक दवाएं आधी से भी कम कीमत पर उपलब्ध हैं। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को हर महीने दवा खर्च में बड़ी राहत मिल रही है।

लोगों का कहना है कि पहले महंगी दवाओं के कारण इलाज अधूरा छोड़ना पड़ता था, लेकिन अब जन औषधि केंद्र से सस्ती दवा मिलने से नियमित इलाज संभव हो पा रहा है और उनके पॉकेट में पैसे बच रहे हैं, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना संभव हो रहा है।

बाइट 1- सुशांत विश्वास, संचालक, पीएम जनऔषधि केंद्र (1 मिनट 26 सेकंड)

बाइट 2- कमल चौबे, लाभार्थी (चेक शर्ट, 1 मिनट 53 सेकंड)

बाइट 3- विकाश कुमार बरेठ, लाभार्थी (सफेद टीशर्ट)

बाइट 4- राजशेखर शर्मा, लाभार्थी (लाल टीशर्ट)

बाइट 5- अशोक यादव, लाभार्थी (ब्लू बांह वाला टीशर्ट)

वीओ 2- सक्ती जिले के सीएमएचओ पूजा अग्रवाल ने कहा कि पीएम जन औषधि परियोजना सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, सरकार का उद्देश्य गरीबों को सस्ते दामों में दवाई उपलब्ध कराना है, जिले के लोगों को इसका लाभ भी मिल रहा है। जिले में 5 पीएम जन औषधि केंद्र संचालित है, जहां से लोग सस्ते दामों पर दवाई खरीद रहे हैं।

बाइट 6- पूजा अग्रवाल, सीएमएचओ (कुर्सी में बैठी, लाल शूट)

क्लोजिंग वीओ - सरकार का लक्ष्य हर ब्लॉक और तहसील स्तर तक जन औषधि केंद्रों का विस्तार करना है, ताकि "सस्ती दवा, सबके लिए दवा" का सपना साकार हो सके।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।