प्रधानमंत्री मोदी ने जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में लिया भाग
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में भाग लिया। दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला का पहला शिखर सम्मेलन था।
इसका उद्देश्य भारत की टीम भावना को मजबूत करना, सहकारी संघवाद को प्रगाढ़ बनाना और केंद्र तथा राज्यों के बीच घनिष्ठ सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के सामूहिक स्वामित्व को बढ़ावा देना था।
इस पहल ने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर संयुक्त रूप से विचार-विमर्श करने और कार्यान्वयन तथा परिणामों में तेजी लाने के लिए एक संरचित मंच प्रदान किया।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन का उद्देश्य जल संसाधनों के प्रबंधन में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग को बढ़ाना है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने भाग लेकर जल नीति को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ने का संदेश दिया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि जल संकट भारत की आर्थिक और सामाजिक स्थिरता के लिए प्रमुख चुनौती है, और इस तरह के शिखर सम्मेलन से नीतिगत निर्णयों को तेज़ी से लागू किया जा सकता है। आम जनता पर इसका असर जल आपूर्ति, सिंचाई और जल संरक्षण योजनाओं के बेहतर समन्वय से बेहतर पान