राज्य

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक सखी प्रशिक्षण संपन्न

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 9 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषक सखी प्रशिक्षण संपन्न

जोबनेर के श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत पांच दिवसीय कृषक सखी एवं सीआरपी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। विशेषज्ञों ने पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण और जहरमुक्त खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ावा देने तथा किसानों में प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।

जयपुर, 09 अक्टूबर। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों तक इसकी तकनीकों को पहुंचाने के उद्देश्य से जोबनेर स्थित श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत आयोजित पांच दिवसीय कृषक सखी एवं सीआरपी प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रशिक्षण में जयपुर जिले से चयनित 20 कृषक सखियों और सीआरपी ने भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. शैलेष गोदीका और सहायक निदेशक कृषि विस्तार डॉ. सुरेश यादव ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृषक सखियों को कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हुए प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उनके लाभों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

विशेषज्ञों ने कहा कि भारत खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, लेकिन वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक और जहरमुक्त खाद्यान्न का उत्पादन सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना और रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों के प्रति किसानों को जागरूक करना जरूरी है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. बीएल आसीवाल ने खेती में स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को उपलब्ध संसाधनों के आधार पर प्राकृतिक खेती की तकनीक अपनाने और इसके तरीकों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य कृषक सखियों और सीआरपी की क्षमता विकसित कर प्राकृतिक खेती के प्रसार को गति देना तथा किसानों को टिकाऊ, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक खाद्यान्न उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

बाइट-01 -डॉ शैलेश गोदीका - निदेशक प्रसार शिक्षा श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर।

बाइट-02 -डॉ. सुरेश यादव- सहायक निदेशक कृषि विस्तार जोबनेर, जयपुर।

बाइट-03 -डॉ बीएल आसिवाल- प्रशिक्षण समन्वयक।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।