अपराध

प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजन ले गए शव:आगरा में उपचार के दौरान जच्चा की मौत, बिना पोस्टमार्टम कानूनी कार्रवाई के ले गए शव

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजन ले गए शव:आगरा में उपचार के दौरान जच्चा की मौत, बिना पोस्टमार्टम कानूनी कार्रवाई के ले गए शव

आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में जलेसर रोड स्थित सरोज हॉस्पिटल में ऑपरेशन से बेटे को जन्म देने के बाद एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। उसे सिकंदरा स्थित प्रभा हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर वापस सरोज हॉस्पिटल पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को हंगामे की सूचना मिली और फोर्स मौके पर पहुंच गई।

मथुरा के महावन निवासी दलवीर सिंह की 24 वर्षीय पत्नी प्रिया को शुक्रवार-शनिवार की रात करीब एक बजे प्रसव पीड़ा होने पर टेडी बगिया, जलेसर रोड स्थित सरोज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रात करीब 1:45 बजे ऑपरेशन के बाद प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे अचानक प्रिया को सांस लेने में परेशानी होने लगी।

हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने उसे सिकंदरा स्थित प्रभा हॉस्पिटल रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान प्रिया की मौत हो गई। डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन शाम करीब चार बजे शव लेकर वापस सरोज हॉस्पिटल पहुंच गए थे। थानाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

उन्होंने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करने से भी मना किया है। मृतका के पिता श्रीनिवास ने इस संबंध में लिखित में सहमति दी, जिसके बाद परिजन शव को अपने साथ ले गए। जानकारी के अनुसार, प्रिया की करीब चार वर्ष पहले महावन निवासी दलवीर सिंह से शादी हुई थी। उनका दो साल का एक बेटा डुग्गू भी है।

प्रिया का मायका खंदौली थाना क्षेत्र के हसनपुर में है। वहीं, सरोज हॉस्पिटल के संचालक जेएस बघेल ने इलाज में किसी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। उनका कहना है कि महिला का ऑपरेशन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया था और शुक्रवार सुबह अचानक अटैक आने के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्रभा हॉस्पिटल रेफर किया गया था।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)

🎙️ जनता का संदेश का मत

सभी परिवारों को याद दिलाना चाहिए कि स्वास्थ्य आपात स्थितियों में समय पर और सही चिकित्सा सहायता अनिवार्य है। अगर किसी भी परिस्थिति में उपचार के दौरान कोई समस्या हो, तो तुरंत अस्पताल के प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। परिजनों को शव लेने से पहले कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके। इस घटना से समाज को यह सिखने को मिलता है कि स्वास्थ्य और कानून दोनों का सम्मान ज़रूरी है, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।