प्रवर्तन निदेशालय ने सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में कथित हेरफेर के मामले में 6 शहरों के 29 ठिकानों पर की छानबीन
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निदेशालय के अनुसार, जांच में पता चला कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को साढ़े तीन करोड़ से अधिक शेयर और परिवर्तनीय वारंट जारी किए। निदेशालय ने आरोप लगाया कि ‘मल्टीबैगर स्टॉक्स’ जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप समूहों में संदेश प्रसारित कर छोटे निवेशकों को इन कंपनियों के शेयर खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इससे शेयर खरीदारों की संख्या लगभग तीन हजार चार सौ से बढ़कर एक लाख से अधिक हो गई।
इस वर्ष 25 फरवरी को इन व्हाट्सऐप समूहों को अचानक हटा दिया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों के शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गए और कुछ ही दिनों में उनके मूल्य में लगभग 70 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे एक लाख से अधिक छोटे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ।
छानबीन के दौरान निदेशालय ने आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, शेयर लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
इस खबर में प्रवर्तन निदेशालय ने 6 शहरों के 29 ठिकानों पर जांच की, जहां सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों में कथित हेरफेर के आरोप लगे। जांच में पाया गया कि अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच दोनों कंपनियों ने चुनिंदा व्यक्तियों और संस्थाओं को साढ़े तीन करोड़ से अधिक शेयर और परिवर्तनीय वारंट जारी किये। निदेशालय ने बताया कि ‘मल्टीबैगर स्टॉक्स’ जैसे नामों वाले व्हाट्सऐप समूहों में संदेश प्रसारित कर छोटे निवेशकों को शेयर खरीदने के लिए प्रेरित किया गया। यह विषय वित्तीय बाजार में धोखाधड़ी और निवेशक संरक्षण से