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प्रयागराज लॉ यूनिवर्सिटी में मेस फीस 6 हजार रुपए बढ़ी:42 से 48 हजार रुपए हुआ शुल्क, छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
प्रयागराज लॉ यूनिवर्सिटी में मेस फीस 6 हजार रुपए बढ़ी:42 से 48 हजार रुपए हुआ शुल्क, छात्रों ने खाने की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल

प्रयागराज की डॉ.

राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की मेस फीस बढ़ाने को लेकर छात्रों ने विरोध जताया है। उनका आरोप है कि कुलपति ने कार्य परिषद की मंजूरी के बिना शुल्क 42 हजार से बढ़ाकर 48 हजार रुपए कर दिया। बढ़ी हुई रकम नए और पुराने सभी विद्यार्थियों से ली गई है। छात्रों ने कुलपति और रजिस्ट्रार से शिकायत कर अतिरिक्त शुल्क वापस करने की मांग की है।

उनका कहना है कि फीस बढ़ने के बावजूद खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ। इसके अलावा हॉस्टल में कमरों के आवंटन और ट्यूशन फीस में सालाना 5% बढ़ोतरी के आधार पर भी सवाल उठाए हैं। सभी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल अनिवार्य विश्वविद्यालय में वर्ष 2024 में पांच वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम शुरू हुआ था।

यहां पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल में रहना अनिवार्य है। ऐसे में मेस शुल्क में हुई बढ़ोतरी का असर सभी छात्रों पर पड़ा है। सत्र 2025-26 तक यह शुल्क 42 हजार रुपए था, जिसे बढ़ाकर 48 हजार रुपए कर दिया गया। छात्रों का आरोप है कि शुल्क बढ़ाने से पहले कार्य परिषद की मंजूरी नहीं ली गई।

उन्होंने प्रशासन से इस फैसले की प्रक्रिया और स्वीकृति से जुड़ी जानकारी लिखित में देने को कहा है। फीस बढ़ी, लेकिन खाने की गुणवत्ता पर सवाल विद्यार्थियों का कहना है कि मेस का शुल्क बढ़ने के बावजूद भोजन की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की है कि खाने की गुणवत्ता बेहतर की जाए और विद्यार्थियों को भुगतान के अनुरूप सुविधाएं मिलें।

सिंगल सीटेड कमरे के आवंटन पर भी विवाद हॉस्टल में कमरों के आवंटन को लेकर भी छात्रों ने पारदर्शिता की मांग की है। उनका आरोप है कि वार्डन रवि प्रकाश राहुल ने छात्र आदित्य को सिंगल सीटेड कमरा दिया, जबकि उसने ट्रिपल शेयरिंग कमरे के लिए निर्धारित शुल्क जमा किया था। छात्रों का कहना है कि कई विद्यार्थियों को तीन लोगों के साथ कमरा साझा करना पड़ रहा है।

ऐसे में उन्होंने कमरा आवंटित करने के मानदंड सार्वजनिक करने और पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है। ट्यूशन फीस में 5% बढ़ोतरी का आधार बताने की मांग छात्रों ने हर साल ट्यूशन फीस में 5% की वृद्धि किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन मेस शुल्क बढ़ाने की प्रक्रिया, कार्य परिषद की मंजूरी और ट्यूशन फीस में वृद्धि का आधार लिखित रूप में स्पष्ट करे।

वे अतिरिक्त मेस शुल्क की वापसी, भोजन की गुणवत्ता में सुधार और हॉस्टल में कमरा आवंटन की पारदर्शी नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष नहीं मिला शुल्क वृद्धि और कमरा आवंटन से जुड़े आरोपों पर विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रकाश त्रिपाठी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।

फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित वार्डन का पक्ष सामने नहीं आया है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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