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प्रेमी बोला-वो एक्सीडेंट में मर गई, अंतिम संस्कार कर दिया:मर्डर कर मगरमच्छों को खाने नदी में फेंका; प्रेमिका की मां को बताई अलग कहानी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
प्रेमी बोला-वो एक्सीडेंट में मर गई, अंतिम संस्कार कर दिया:मर्डर कर मगरमच्छों को खाने नदी में फेंका; प्रेमिका की मां को बताई अलग कहानी

भिंड में प्रेमी ने अपनी लिवइन पार्टनर की हत्या कर शव को मगरमच्छों वाली नदी में फेंक दिया। जब प्रेमिका की मां का फोन आया तो उसे कहा कि, बेटी का एक्सीडेंट हो गया है। बेटी कहां है पूछने पर वो बोला- वह मर गई, हमने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। ये कहानी भिंड में नर्सिग ऑफिसर हत्याकांड मामले में सामने आई है।

महिला के भाई ने बताया कि बहन को उसका प्रेमी मारता था, एक बार सिर तक फोड़ डाला था। उसने कहा बेटे को अपने पास रखने की चाह में उसने ही बहन को मार डाला। इस पूरे मामले में 8 दिन हो गए लेकिन महिला का शव अब तक नहीं मिल पाया है। हालांकि आरोपी गिरफ्तार हो गया है। दैनिक भास्कर ने इस पूरे मामले में पुलिस के सामने आई पूरी कहानी समझी।

इसके साथ ही महिला के परिजनों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… हत्या कर बोला- एक्सीडेंट में आपकी बेटी की मौत भिंड में लिव-इन में रह रही नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता ने 8 अक्टूबर शाम करीब 6 बजे परिवार से फोन पर बात की। शाम 7 बजे के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। दो दिन तक संपर्क नहीं होने पर परिजनों ने सत्यप्रकाश से पूछताछ की।

उसने परिजनों से कहा, उसका और स्नेहलता का एक्सीडेंट हुआ था। पहले उसने स्नेहलता की स्थिति की जानकारी नहीं होने की बात कही, फिर उसकी मौत और अंतिम संस्कार कर देने का दावा किया। उसने अस्थियां चंबल नदी में बहाने की बात भी कही। बिहार से भिंड आए परिजन स्नेहलता के पिता संजय पांडे बिहार के नालंदा से भिंड पहुंचे और पुलिस में शिकायत की।

इससे पहले सत्यप्रकाश कोतवाली थाने में स्नेहलता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा चुका था। परिजनों के बयान और आरोपी की दुर्घटना, मौत व अंतिम संस्कार से जुड़ी कहानी पर संदेह के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक, आरोप है कि सत्यप्रकाश ने दोस्तों के साथ मिलकर स्नेहलता की हत्या की और शव पंचनद नदी (यमुना, चंबल, सिंध, कुंवारी और पहज का संगम) में फेंक दिया।

मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस टीमें शव की तलाश कर रही हैं, लेकिन अब तक बरामदगी नहीं हुई है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान मिले थे दोनों स्नेहलता के पिता संजय पांडे बिहार के नालंदा जिले के निवासी हैं। उन्होंने बेटी का दाखिला भिंड के मणि गिरजा नर्सिंग कॉलेज में एएनएम पाठ्यक्रम में कराया था।

इसी दौरान स्नेहलता की मुलाकात कॉलेज में काम करने वाले सत्यप्रकाश से हुई और दोनों साथ रहने लगे। परिवार के मुताबिक, सत्यप्रकाश दो-तीन बार स्नेहलता के साथ उनके गांव भी गया था। स्नेहलता ने पिता को बताया था कि उसने शादी कर ली है। संजय का आरोप है कि सत्यप्रकाश ने अपना नाम सत्यप्रकाश पांडे बताकर खुद को ब्राह्मण बताया।

वहां परिवार के लोगों ने उसकी खूब खातिरदारी भी की। प्रचार के बहाने कानपुर ले जाने का आरोप परिजनों के मुताबिक, सत्यप्रकाश बिहार और यूपी से विद्यार्थियों को कॉलेज में दाखिला दिलाने का काम करता था। आरोप है कि वह कॉलेज के प्रचार-प्रसार के बहाने स्नेहलता को कानपुर ले जाने की बात कहकर निकला था।

परिवार को आशंका है कि उसने दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच में होना बाकी है। माता-पिता और भाई के आरोप जिसका दामाद समझकर सत्कार, उसने की हत्या संजय पांडे बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने बेटी स्नेहलता को नर्सिंग की पढ़ाई कराने के लिए भिंड के मणि गिरजा नर्सिंग कॉलेज में एएनएम में दाखिला दिलाया था।

इसी दौरान स्नेहलता की मुलाकात कॉलेज में काम करने वाले सत्यप्रकाश से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। परिवार के मुताबिक, सत्यप्रकाश दो-तीन बार स्नेहलता के साथ उनके गांव भी आया था। स्नेहलता ने पिता को बताया था कि उसने सत्यप्रकाश से शादी कर ली है। संजय पांडे का आरोप है कि युवक से नाम, पता और जाति पूछी तो उसने अपना नाम सत्यप्रकाश पांडे बताया और खुद को ब्राह्मण बताया था।

मां-भाई का आरोप : बच्चे को लेकर बढ़ा था विवाद स्नेहलता की मां शारदा और भाई अमित का आरोप है कि सत्यप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन उसकी पत्नी से संतान नहीं थी। परिवार का दावा है कि संतान की चाह में उसने स्नेहलता से संबंध बनाए। करीब 10 महीने पहले स्नेहलता ने एक बेटे को जन्म दिया था।

परिजनों के मुताबिक, बच्चे के जन्म के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। परिवार का आरोप है कि सत्यप्रकाश चाहता था कि स्नेहलता बच्चे को छोड़कर भिंड से चली जाए, लेकिन वह ऐसा नहीं करना चाहती थी। वह भिंड के खाटू श्याम अस्पताल में नर्सिंग ऑफिसर के रूप में काम कर रही थी और अपने बेटे के साथ रह रही थी।

परिवार को आशंका है कि बच्चे को लेकर हुए विवाद के कारण स्नेहलता की हत्या की गई। हालांकि, हत्या के पीछे यही वजह होने की पुष्टि पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों से ही होगी। अगस्त में भी हुआ था विवाद, महिला थाने में शिकायत परिजनों का आरोप है कि अगस्त में सत्यप्रकाश ने स्नेहलता पर जानलेवा हमला किया था।

इस संबंध में महिला थाने में शिकायत भी की गई थी। बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया और स्नेहलता फिर सत्यप्रकाश के साथ रहने लगी। परिवार के मुताबिक, सत्यप्रकाश भिंड के जोशी नगर में रहता था, जहां उसकी मां और पत्नी भी थीं। परिजनों का आरोप है कि स्नेहलता को उसकी वैवाहिक स्थिति और परिस्थितियों के बारे में धोखे में रखा गया था।

यह खबर भी पढ़ें… नर्सिंग ऑफिसर को मारकर मगरमच्छों वाली नदी में फेंका भिंड की नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता को 50 किलोमीटर दूर ले जाकर गला दबाकर तड़पाया, फिर हत्या कर दी। इसके बाद शव उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में पांच नदियों के संगम पचनदा में फेंक दिया। आरोपी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी लिखाई।

पूछताछ में आरोपी सत्यप्रकाश ने कहा- मैंने स्नेहलता की हत्या की है। पूरी खबर पढ़ें…

📡 स्रोत: NewsData.io

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