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पूर्व जस्टिस कौल बोले- CJI चंद्रचूड़ सरकार के सामने झुके:जजों की नियुक्ति पर रवैये की आलोचना की; रिटायरमेंट के ढाई साल बाद किताब लिखी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
पूर्व जस्टिस कौल बोले- CJI चंद्रचूड़ सरकार के सामने झुके:जजों की नियुक्ति पर रवैये की आलोचना की; रिटायरमेंट के ढाई साल बाद किताब लिखी

पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज संजय किशन कौल ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि चंद्रचूड़ जजों की नियुक्ति के मामले में सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। जस्टिस कौल ने अपनी आने वाली किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने वाली कॉलेजियम बैठक का जिक्र किया है।

जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम को सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। आज नियुक्तियों से पहले सरकार से नामों पर चर्चा करने की परंपरा बन गई है। जस्टिस कौल ने अपनी किताब में लिखा है कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों ने डीवाई चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव पैदा किया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम पर विवाद कौल ने किताब में लिखा कि छह सुप्रीम कोर्ट जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी।

बैठक में चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम रखा। कौल के मुताबिक, चंद्रचूड़ उन्हें अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार की राय जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने लिखा, “चीफ जस्टिस ने मुझे अलग कमरे में बुलाया और सोचते हुए कहा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए।” द वायर से बातचीत में कौल से पूछा गया कि क्या तत्कालीन CJI सरकार को खुश करने या उसकी पहले से मंजूरी लेने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का सवाल था। लेकिन उन्होंने पहले मेरे साथ नामों पर चर्चा की थी।” कौल ने कहा, “हम पांच नामों पर सहमत थे। मुझे लगा कि कॉलेजियम के बाकी सदस्य भी इन नामों पर सहमत होंगे। कॉलेजियम बैठक में जाने से ठीक पहले छठा नाम मेरे सामने रखा गया।” उन्होंने कहा, “मैंने कहा कि यह नाम मुझे स्वीकार नहीं है और स्वीकार नहीं होगा।

वह चाहते थे कि मैं उनके साथ मिलकर इस नाम पर आगे बढ़ूं। मैंने कहा कि अगर मैं ऐसा कर भी लूं, तो बाकी सदस्य ऐसा नहीं करेंगे।” कौल ने बताया, “मुझे कॉलेजियम के दूसरे सदस्यों के विचार पता थे। इसलिए मैंने उनसे कहा कि यह नाम आगे नहीं बढ़ पाएगा। बैठक में वही हुआ। शायद उन्होंने छठे नाम सहित बाकी नामों के लिए पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी।” पूर्व जज को सरकार से पहले चर्चा पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा, “दुर्भाग्य से नामों पर सरकार के साथ पहले किसी तरह की चर्चा करने की प

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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