राजनीति

पूर्व सांसद बोलीं, भाजपा छोड़ कहीं नहीं जा रही:कहा-कांग्रेस में जाने की अफवाह फैलाई जा रही, किसी विपक्षी दल के संपर्क में नहीं

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 19 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पूर्व सांसद बोलीं, भाजपा छोड़ कहीं नहीं जा रही:कहा-कांग्रेस में जाने की अफवाह फैलाई जा रही, किसी विपक्षी दल के संपर्क में नहीं

प्रयागराज की पूर्व सांसद और भाजपा की वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही राजनीतिक अटकलों पर उन्होंने खुद विराम लगा दिया है। उनके कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा छोड़ने को लेकर किसी भी विपक्षी दल या उसके नेताओं से उनकी कोई बातचीत या संपर्क नहीं है।

पूर्व सांसद की ओर से बयान जारी कर कहा गया, मई में उनके पति पीसी जोशी के निधन के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई थी। इसी दौरान 20 जुलाई को उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद से दिल्ली में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि करीब दो-तीन सप्ताह में ठीक होने के बाद वह फिर से पार्टी के कार्यक्रमों और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में सक्रिय होंगी।

कार्यक्रमों से गैरमौजूदगी को लेकर शुरू हुई थी चर्चाएं दरअसल मई में पति की मौत के बाद से ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं थीं। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य और भाजपा से दूरी को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे। अब उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिए स्थिति साफ करते हुए कहा है कि भाजपा छोड़ने या किसी विपक्षी दल में जाने की कोई बात नहीं है।

तेरहवीं कार्यक्रम में पहुंचे थे अखिलेश यादव रीता बहुगुणा जोशी के पति पीसी जोशी के निधन के बाद आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के पहुंचने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं ने जोर पकड़ा था। इसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में रीता जोशी को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जाने लगे।

बेटे मयंक के सपा में जाने से भी जुड़ी रही हैं चर्चाएं रीता बहुगुणा जोशी के परिवार को लेकर राजनीतिक चर्चाओं की एक वजह उनके बेटे मयंक जोशी भी रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मयंक जोशी के भाजपा छोड़कर सपा में जाने की चर्चाएं शुरू हुई थीं। बाद में 5 मार्च 2022 को आजमगढ़ में अखिलेश यादव की जनसभा के दौरान मयंक जोशी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी।

मयंक को लेकर उस समय लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट मिलने की चर्चा थी। टिकट नहीं मिलने के बाद उनका सपा में जाना राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में रहा था। रीता जोशी ने उस समय भी भाजपा में बने रहने और पार्टी नेतृत्व पर भरोसा जताया था।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।