विदेश

Quad Announcement: AI के लिए 85 मिलियन डॉलर से अधिक की मदद, खनिज रिसाइक्लिंग पर 10 मिलियन डॉलर खर्च करेगा अमेरिका

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
Quad Announcement: AI के लिए 85 मिलियन डॉलर से अधिक की मदद, खनिज रिसाइक्लिंग पर 10 मिलियन डॉलर खर्च करेगा अमेरिका

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भारत और उसके तीन क्वाड सहयोगियों ने कई अहम फैसले किए हैं.

भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भरोसेमंद तकनीक की पहुंच बढ़ाने के लिए 85 मिलियन डॉलर से अधिक की वित्तीय और तकनीकी सहायता देने की योजना का ऐलान किया है.

इसके अलावा अमेरिका ने भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में महत्वपूर्ण खनिजों की रिसाइक्लिंग के लिए 10 मिलियन डॉलर की मदद देने की प्रतिबद्धता जताई है.

इन फैसलों का उद्देश्य तकनीकी निर्भरता कम करना, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग का विस्तार करना है.

अटलांटा की बैठक में बनी रणनीति ये घोषणाएं शनिवार को अमेरिका के अटलांटा में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद की गईं. इसमें भारत के विदेश मंत्री एस.

जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए.

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में चारों देशों ने आर्थिक सुरक्षा, उभरती तकनीक, समुद्री सहयोग, साइबर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े कई प्रस्ताव सामने रखे.

इसके साथ ही क्वाड ने आर्थिक दबाव बनाने और मनमाने निर्यात प्रतिबंधों के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई.

AI और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर जोर क्वाड देशों ने भरोसेमंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक तक पहुंच बढ़ाने के लिए 85 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता देने का इरादा जताया है.

इसमें क्वाड एसआई एक्सेलेरेटर के माध्यम से सहयोग भी शामिल होगा.

हालांकि, संयुक्त बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि प्रत्येक देश कितनी राशि देगा और सहायता का वितरण किस तरीके से होगा.

इसके अलावा चारों देश सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन में मौजूद कमजोरियों की पहचान करेंगे. इसका मकसद किसी संभावित संकट या आपूर्ति बाधा से पहले जरूरी कदम उठाना है.

उन्नत सेमीकंडक्टर और AI हार्डवेयर की सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ 5G, 6G, ओपन RAN और AI आधारित नेटवर्क के विकास में भी सहयोग बढ़ाया जाएगा.

खनिज रिसाइक्लिंग के लिए अमेरिका देगा 10 मिलियन डॉलर महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति के लिए कुछ चुनिंदा देशों पर निर्भरता कम करना भी क्वाड की प्राथमिकताओं में शामिल है.

इसी दिशा में अमेरिका ने भारत और आसियान देशों में खनिज रिसाइक्लिंग से जुड़ी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 10 मिलियन डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई है.

इस पहल के तहत इलेक्ट्रॉनिक कचरे और कबाड़ से दोबारा उपयोगी खनिज निकालने पर जोर दिया जाएगा.

चारों देश कचरा संग्रह नेटवर्क, प्रोसेसिंग प्लांट और रिफाइनरी में निजी निवेश को भी प्रोत्साहित करेंगे.

इसके अलावा रिसाइक्लिंग योग्य सामग्री के सीमा पार कारोबार को आसान बनाने के विकल्पों पर विचार किया जाएगा.

पहली बार बनेगा क्वाड बिजनेस लीडर्स फोरम तकनीकी और आर्थिक सहयोग को संस्थागत रूप देने के लिए क्वाड का पहला बिजनेस लीडर्स फोरम भी गठित किया जाएगा. इसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और नीति विशेषज्ञ शामिल होंगे.

इसका मकसद चारों देशों के बीच कारोबारी संबंध मजबूत करना और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश तथा व्यावसायिक समझौतों को बढ़ावा देना है.

इसके अलावा 18 नवंबर को टोक्यो में क्वाड देशों की निर्यात ऋण एजेंसियों की बैठक प्रस्तावित है. इसमें आपसी सहयोग और कारोबारी अवसरों पर चर्चा होगी.

चारों देशों ने ईंधन सुरक्षा को लेकर सितंबर में आयोजित पहले क्वाड फ्यूल सिक्योरिटी फोरम की भी समीक्षा की.

समुद्री सुरक्षा और होर्मुज पर भी चर्चा क्वाड बैठक में समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की निर्बाध आवाजाही का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा.

मंत्रियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य, लाल सागर और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए समुद्री मार्ग सुरक्षित रहने चाहिए तथा जहाजों और उनके चालक दल की आवाजाही में बाधा या टोल नहीं लगाया जाना चाहिए.

प्रशांत क्षेत्र में समुद्री बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए क्वाड फिजी के सुवा, लाउटोका और रोकाबिली बंदरगाहों के आधुनिकीकरण में भी सहयोग कर रहा है.

इसके साथ ही सुरक्षित और तेज गति वाले समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम जारी है.

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।