रबी सीजन में खाद की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश, मुख्य सचिव ने ली राज्य स्तरीय फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स की बैठक
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
जयपुर, 06 अक्टूबर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रबी सीजन 2026-27 में किसानों को उनकी मांग के अनुरूप डीएपी और यूरिया की निर्बाध एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बुआई के महत्वपूर्ण समय में प्रदेश में उर्वरकों की कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग और आपूर्तिकर्ता कंपनियां आपसी समन्वय से कार्य करें।
शासन सचिवालय में मंगलवार को राज्य स्तरीय ‘फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स’ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि आवंटित उर्वरकों का समयबद्ध एवं उचित वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही आपूर्तिकर्ता कंपनियों से लगातार आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों में डीएपी और यूरिया के स्टॉक की नियमित समीक्षा तथा मांग और उपलब्धता की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा।
प्रमुख शासन सचिव, कृषि एवं उद्यानिकी मंजू राजपाल ने बताया कि प्रत्येक उर्वरक वितरण केन्द्र पर कृषि पर्यवेक्षक और सहायक कृषि अधिकारियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति में उर्वरकों का वितरण कराया जा रहा है। प्रदेश में 744 उर्वरक निरीक्षकों के माध्यम से जमाखोरी, कालाबाजारी, टैगिंग और अवैध भंडारण जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि ‘धरती माता बचाओ अभियान’ के तहत गठित समितियां नियमित बैठकें कर उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में 3 लाख 73 हजार मैट्रिक टन यूरिया, 1 लाख 4 हजार मैट्रिक टन डीएपी, 95 हजार मैट्रिक टन एनपीके तथा 2 लाख 9 हजार मैट्रिक टन एसएसपी का स्टॉक उपलब्ध है। उर्वरकों की आपूर्ति लगातार जारी है।
बैठक में शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा, कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल तथा इफको, कृभको, आईपीएल, सीएफसीएल, एनएफएल और एचयूआरएल सहित प्रमुख उर्वरक आपूर्तिकर्ता कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।