राजनीति

राहुल गांधी आज आएंगे बालाघाट:जगला गांव में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे; सरकार बोली- यह सिर्फ पॉलिटिकल माइलेज

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
राहुल गांधी आज आएंगे बालाघाट:जगला गांव में पीड़ित परिवारों से मिलेंगे; सरकार बोली- यह सिर्फ पॉलिटिकल माइलेज

मध्य प्रदेश के बालाघाट में 32 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब सियासी मुद्दा बन गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज बिरसा ब्लॉक के जगला गांव पहुंचकर इन बच्चों के परिजन से मुलाकात करेंगे। बीजेपी ने इस दौरे को राजनीतिक माइलेज लेने की कवायद बताया है। राहुल के दौरे से पहले सरकारी रिकॉर्ड और जमीनी दावों में बड़ा अंतर सामने आया है।

जगला के जिन चार मृत बच्चों के परिजन से वे मिलेंगे, उनके नाम प्रशासन के ऑफिशियल डेथ रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। भास्कर की पिछली पड़ताल में भी सरकारी आंकड़ों से ज्यादा मौतों की जानकारी सामने आई थी। बालाघाट में बच्चों की मौतों का सिलसिला मई में 3 साल की रूही परते की जान जाने के बाद शुरू हुआ था।

मामला बढ़ने पर सरकार ने प्रभावित इलाकों में हेल्थ कैंप और स्क्रीनिंग शुरू की। सरकार का दावा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है। सोशल मीडिया पर भी सरकार को घेर चुके राहुल राहुल गांधी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो बार मोहन यादव सरकार पर सवाल उठा चुके हैं। 5 सितंबर को राहुल ने बच्चों की मौत के लिए पीने के पानी, पोषण और इलाज की कमी को जिम्मेदार बताते हुए इसे सरकार की विफलता कहा था।

17 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा था, 'मुख्यमंत्री जी, दीये जलाने और उत्सव मनाने से फुर्सत मिल गई हो तो जरा राज्य की जमीनी हालत भी देखिए।' जगला के 4 बच्चों की मौतें सरकारी रिकॉर्ड में नहीं स्थानीय लोगों और परिजन के मुताबिक, जगला गांव के इन चार बच्चों की मौत सरकारी सूची में दर्ज नहीं हैं।

डिप्टी सीएम बोले- तब संवेदना दिखानी चाहिए थी राहुल गांधी के दौरे पर उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा, ‘राहुल गांधी केवल राजनीतिक माइलेज लेने का प्रयास कर रहे हैं। जब कठिन परिस्थितियां थीं, तब उन्हें संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। जिन समस्याओं को कांग्रेस की नीतियों से बढ़ावा मिला, आज वही संवेदना की बात कर रहे हैं।’ सरकारी आंकड़ों और विपक्ष के दावों में बड़ा अंतर बालाघाट में बच्चों की मौत के आंकड़ों को लेकर सरकारी रिकॉर्ड और विपक्ष के दावों में अंतर है।

सरकारी रिकॉर्ड में बीमारी से अब तक 32 मौतें दर्ज हैं जबकि कांग्रेस विधायक संजय उइके का दावा है कि 43 बैगा बच्चों की जान गई है। अगस्त में दैनिक भास्कर की टीम ने प्रभावित गांवों

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

मध्य प्रदेश के बालाघाट में 32 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इस घटना से सरकार और विपक्ष के बीच टकराव तेज हुआ है। राहुल गांधी का जगला गांव में परिजन से मिलना इस विवाद को सार्वजनिक ध्यान में लाने के लिए एक कदम है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे जनजीवन में न्याय और पारदर्शिता के सवाल उठते हैं। जनता पर असर यह हो सकता है कि सरकारी जवाबदेही पर दबाव बढ़ेगा, और समान रूप से सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

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