राहुल गांधी का अपने कार्यकर्ताओं को कोहनी मारते Video वायरल, BJP का तंज
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक पैदल मार्च किया.
इस दौरान का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एक कार्यकर्ता को कोहनी मारते हुए नजर आ रहे हैं. यह वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, बीजेपी को बैठे-बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया.
बीजेपी ने शेयर किया वीडियो, कसा तंज
बीजेपी ने एक्स पर हैंडल शेयर करते हुए तंज कसा है. बीजेपी ने कहा है कि झूठ पे झूठ और 99 हार के बाद.
देखिए राहुल गांधी की हालत. अब तो अपने ही कार्यकर्ताओं को दना दन...
वहीं, वीडियो पर टैक्सट लिखा है कि लगातार मिलती हार से तिलमिलाए राहुल गांधी, अब कांग्रेसियों को ही पीटने लगे हैं.
क्या है वीडियो में?
वहीं, अगर इस वीडियो को देखेंगे तो सभी नेता और कार्यकर्ता सड़क पर मार्च करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. इसमें नेहा बोरा, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी नजर आ रहे है.
प्रियंका और नेहा आगे चल रही हैं, वहीं एक दम से कुछ कार्यकर्ता इनकी तरफ से आगे बढ़ते नजर आते हैं, तभी राहुल गांधी आसपास के लोगों को रोकते हैं, और कोहनी मारते हैं. अब वीडियो वायरल हो रहा है.
झूठ पे झूठ और 99 हार के बाद, देखिए राहुल गांधी की हालत! अब तो अपने ही कार्यकर्ताओं को दे दना दन... 🤦 ♂️😳
BJP (@BJP4India) October 12, 2026
बीजेपी ने मार्च को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इंडिया गठबंधन के मार्च पर बड़ा हमला बोला.
इसमें उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनके साथ देश को अराजकता की आग में धकेलने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में जो घटिया सीन देखे गए.
उनकी भारत के इतिहास में कोई मिसाल नह
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
राहुल गांधी के कार्यकर्ताओं को कोहनी मारते हुए दिखने वाला वीडियो वायरल हुआ, जिससे बीजेपी ने तुरंत तंज कस दिया। यह घटना चुनावी माहौल में एक नया विवाद पैदा कर रही है, क्योंकि यह सीधे राजनीतिक शिष्टाचार और नेता के व्यवहार से जुड़ी है। इस खबर का महत्व इसलिए है क्योंकि यह राजनीतिक दलों के बीच सार्वजनिक छवि और भरोसे पर असर डालता है, खासकर चुनाव के समय। आम जनता पर इसका प्रभाव यह हो सकता है कि वे नेताओं के व्यवहार पर अधिक ध्यान दें, और राजनीतिक निर्णयों में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग बढ़े।