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राजस्थान से गुजरेगा देश का सबसे लंबा फ्रेट कॉरिडोर, 567 किमी ट्रैक

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
राजस्थान से गुजरेगा देश का सबसे लंबा फ्रेट कॉरिडोर, 567 किमी ट्रैक

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से देश में माल परिवहन की रफ्तार और क्षमता बढ़ रही है, साथ ही यात्री ट्रेनों के लिए भी रेल नेटवर्क पर अतिरिक्त क्षमता मिल रही है। राजस्थान में रेवाड़ी से पालनपुर तक करीब 567 किमी का वेस्टर्न डीएफसी औद्योगिक विकास, रोजगार और निवेश को नई गति दे रहा है।

जयपुर, 7 सितम्बर। देश में रेल के जरिए माल परिवहन के परिदृश्य को बदलने में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) अहम भूमिका निभा रहा है। मालगाड़ियों के लिए समर्पित इस रेल नेटवर्क से तेज, सुरक्षित और अधिक क्षमता वाला परिवहन संभव हो रहा है। इसके चलते माल ढुलाई की गति बढ़ने के साथ मौजूदा रेल मार्गों पर यात्री ट्रेनों के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध हो रही है।

डीएफसी के जरिए लंबी दूरी तक माल को कम समय में पहुंचाने में मदद मिल रही है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत और परिवहन समय कम करने के साथ ग्राहकों तक सामान की समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने में भी मदद मिल रही है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के जरिए संचालन होने से ईंधन की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी के जरिए पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, लॉजिस्टिक्स पार्क और मल्टीमॉडल परिवहन सुविधाओं के विकास से उद्योग, व्यापार और निवेश को नई गति मिल रही है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

राजस्थान के लिए क्यों अहम है DFC?राजस्थान से होकर गुजरने वाला रेवाड़ी से पालनपुर तक करीब 567 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह किसी एक राज्य से होकर गुजरने वाला डीएफसी का सबसे लंबा खंड बताया गया है।

इस कॉरिडोर से जयपुर, अजमेर, पाली और जोधपुर समेत राजस्थान के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को तेज, विश्वसनीय और उच्च क्षमता वाली माल परिवहन सुविधा मिल रही है। इससे मैन्युफैक्चरिंग, कपड़ा, सिरेमिक, मार्बल और अन्य उद्योगों को देश के प्रमुख बाजारों तथा लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल रही है।

देश में DFC का विस्तारवर्तमान में 1,337 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पंजाब के न्यू सहनेवाल से बिहार के न्यू सोननगर तक और 1,506 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के न्यू दादरी से महाराष्ट्र के न्यू जेएनपीटी तक सेवाएं प्रदान कर रहा है।

इन कॉरिडोर के जरिए औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों की प्रमुख बाजारों तथा समुद्री बंदरगाहों तक कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। इसका सीधा लाभ माल परिवहन की गति और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मिल रहा है।

वहीं, बजट 2026-27 में डीएफसी नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए पश्चिम बंगाल के डानकुनि से गुजरात के सूरत तक 2,052 किलोमीटर लंबे नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। इससे देश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच माल परिवहन की क्षमता और कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यात्री ट्रेनों को भी मिलेगा फायदाडेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक प्रमुख उद्देश्य मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों के लिए व्यस्त मौजूदा रेल मार्गों से अलग करना है। इससे माल परिवहन के लिए अलग और सुगम रेल नेटवर्क उपलब्ध होता है, जबकि मौजूदा रेल लाइनों पर यात्री ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त क्षमता मिलती है।

इससे यात्री ट्रेनों की समयपालनता और परिचालन दक्षता में सुधार की दिशा में भी महत्वपूर्ण लाभ मिल रहा है। यानी डीएफसी सिर्फ माल ढुलाई को तेज करने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि यात्री रेल सेवाओं को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित हो रहा है।

कुल मिलाकर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर भारत की मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और औद्योगिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। खासतौर पर राजस्थान जैसे राज्यों के लिए यह नेटवर्क उद्योग, व्यापार, निर्यात, रोजगार और निवेश को गति देने वाला महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर साबित हो सकता है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

राजस्थान से गुजरने वाला 567 किमी का नया फ्रेट कॉरिडोर देश के सबसे लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के रूप में उभरा है। यह रेवाड़ी से पालनपुर तक फैला है, जिससे माल परिवहन की गति और क्षमता दोनों में वृद्धि होगी। DFC की स्थापना से रेल नेटवर्क पर यात्री ट्रेनों के लिए भी अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा, जिससे यात्रा का अनुभव बेहतर होगा। यह परियोजना औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और निवेश को नई दिशा दे रही है। आम जनता के लिए इसका मतलब है कि माल की कीमतें घटेंगी, उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और रोजगार के अवस

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।