राजनीति

राजस्थान में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
राजस्थान में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित

राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में होंगे, जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए मतदान 23 अक्टूबर से शुरू होगा। 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करेंगे, जबकि पंच-सरपंच के चुनाव 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक चरणबद्ध होंगे।

जयपुर, 3 अक्टूबर। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, पंच और सरपंच के चुनाव चार चरणों में होंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

परिसीमन के बाद प्रदेश में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें हैं। इनके तहत जिला परिषद के 1,403, पंचायत समितियों के 8,245 और ग्राम पंचायतों के 1,30,589 वार्ड हैं। कुल 1,55,138 जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन किया जाएगा। चुनाव के लिए 4,03,07,308 मतदाता पंजीकृत हैं और 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

चार चरणों में जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण का मतदान 23 अक्टूबर, दूसरे चरण का 29 अक्टूबर, तीसरे चरण का 4 नवंबर और चौथे चरण का 14 नवंबर को होगा। सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से जिला मुख्यालयों पर होगी।

इसके बाद जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर, उप जिला प्रमुख का 26 नवंबर, प्रधान का 27 नवंबर और उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर को होगा।

पंच-सरपंच के चुनाव भी चार चरणों में

पंच और सरपंच के चुनाव के लिए पहले चरण में 24 अक्टूबर को नामांकन, 25 अक्टूबर को मतदान और मतगणना होगी तथा 26 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा। दूसरे चरण में 30 अक्टूबर को नामांकन, 31 अक्टूबर को मतदान और मतगणना तथा 1 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा।

तीसरे चरण में 5 नवंबर को नामांकन, 6 नवंबर को मतदान और मतगणना तथा 7 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा। चौथे चरण में 15 नवंबर को नामांकन, 16 नवंबर को मतदान और मतगणना तथा 17 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा।

ईवीएम से जिला परिषद-पंचायत समिति, मतपेटी से पंच-सरपंच चुनाव

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार ग्राम पंचायत के सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव मतपेटी के माध्यम से होगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का निर्वाचन ईवीएम से कराया जाएगा। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। शाम 6 बजे तक मतदान केंद्र परिसर में पहुंच चुके मतदाताओं को मतदान का अवसर मिलेगा।

मतदान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। इसके अभाव में आयोग द्वारा अनुमोदित 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों में से किसी एक मूल दस्तावेज से मतदान किया जा सकेगा। मतदान केंद्रों के पास मतदाता सहायता केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।

चुनाव प्रक्रिया के लिए करीब 3.17 लाख कार्मिकों और कानून-व्यवस्था के लिए करीब 2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक जिले में आवश्यकता के अनुसार पर्यवेक्षक नियुक्त होंगे तथा आयोग और जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित चुनाव नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे।

बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा जिला परिषदों के प्रमुख-उपप्रमुख तथा इनसे संबंधित पंचायत समितियों के प्रधान-उपप्रधान का कार्यकाल दिसंबर 2028 में पूरा होगा। इसलिए इन पदों के आम चुनाव की तिथियां अलग से निर्धारित की जाएंगी।

बाइट - राजेश्वर सिंह, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग |

💡 पृष्ठभूमि (Background)

राजस्थान में 2026 के पंचायती राज चुनाव का कार्यक्रम घोषित हुआ है, जिसमें जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, पंच और सरपंच के चुनाव चार चरणों में होंगे। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता भाग लेंगे, जो राज्य के ग्रामीण लोकतंत्र को सुदृढ़ करेगा। चुनाव के दौरान मतदाता शिक्षा और मतदान सुविधाओं में सुधार से नागरिकों को बेहतर शासन और संसाधनों का लाभ मिलेगा। जनता के लिए यह अवसर है कि वे अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर स्थानीय विकास योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा सकें, जिससे

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।