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राज्यपाल ने गुमला के मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद, विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर दिया जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
राज्यपाल ने गुमला के मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद, विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर दिया जोर

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित लोकभवन में गुमला के क्रिएटिव यूनिक डिस्कवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े विद्यार्थियों से किया संवाद, विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर दिया जोर, कहा- प्रतिभा किसी शहर या गाँव की सीमाओं की मोहताज नहीं।

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06 नवंबर, रांची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रांची स्थित लोक भवन में गुमला के क्रिएटिव यूनिक डिस्कवरी प्लेटफॉर्म से जुड़े मेधावी एवं रचनात्मक विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी शहर या गाँव की सीमाओं की मोहताज नहीं होती। छोटे शहरों, गाँवों और दूर-दराज के क्षेत्रों के बच्चे भी अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरे समर्पण के साथ प्रयास करने तथा देश और झारखण्ड के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

राज्यपाल ने उल्लेख किया कि वे कई बार गुमला जा चुके हैं और वहाँ के विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों से संवाद कर चुके हैं। उन्होंने गुमला साइंस सेंटर का भी अवलोकन किया है। उन्होंने कहा कि गुमला अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और प्राकृतिक विशेषताओं के लिए जाना जाता है। यहाँ के बच्चों में भी प्रतिभा और रचनात्मकता की अपार संभावनाएँ हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन को बेहतर बनाने और आगे बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञान, समझ और अच्छे संस्कार विकसित करना भी है। विद्यार्थियों को अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए।

वे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी अथवा खिलाड़ी, जो भी बनना चाहते हैं, उसके अनुरूप तैयारी करें और परिश्रम से अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।

राज्यपाल ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित परिश्रम, अनुशासन और समय का सदुपयोग ही सफलता की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों में भाग लेने, मोबाइल का सीमित उपयोग करने तथा नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह दी। किसी विषय को समझने में कठिनाई हो तो शिक्षकों एवं सहपाठियों से मार्गदर्शन लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करने के साथ एक अच्छा इंसान बनना भी जरूरी है। ईमानदारी, विनम्रता, अनुशासन और दूसरों की सहायता करने की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएँ तथा माता-पिता, शिक्षकों और समाज के प्रति सम्मान रखें।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि ‘विकसित भारत@2047’ के निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को अभी से अपने भीतर जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित करनी चाहिए। अपनी प्रतिभा एवं ज्ञान का उपयोग समाज और देश की प्रगति के लिए करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार, समाज, गुमला जिले, झारखण्ड और देश का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने नशामुक्ति की शपथ दिलाते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार और भविष्य को प्रभावित करता है। युवा स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार और समाज के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त झारखण्ड एवं नशामुक्त भारत के निर्माण में विद्यार्थियों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।