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राज्यपाल ने लोक भवन में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर किया हवन, हिमाचल प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 14 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
राज्यपाल ने लोक भवन में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर किया हवन, हिमाचल प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की

विकसित भारत की मजबूत नींव के लिए युवाओं में अच्छे संस्कार विकसित करने पर दिया बल

अक्तूबर 13, शिमला (हिमाचल प्रदेश): राज्यपाल ने लोक भवन में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर किया हवन, हिमाचल प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कीराज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज शारदीय नवरात्रि के तीसरे दिन लोक भवन में हवन-यज्ञ कर हिमाचल प्रदेश की शांति, सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की।

इस अवसर पर लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। राज्यपाल ने लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ यज्ञ में पूर्णाहुति अर्पित की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की। राज्यपाल ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का प्रतीक है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं के जीवन में शक्ति, साहस और सुख-समृद्धि का संचार करेगा। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अनेक प्रसिद्ध एवं पूजनीय शक्तिपीठों की पावन भूमि है। उन्होंने प्रदेश को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।

राज्यपाल ने युवाओं में संस्कारों के विकास और चरित्र निर्माण के महत्व पर बल देते हुए कहा कि व्यक्ति और समाज के भविष्य को आकार देने में नैतिक मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।

उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने युवाओं में जीवन के प्रति स्पष्ट उद्देश्य, सकारात्मक मूल्यों और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

🎙️ जनता का संदेश का मत

शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर राज्यपाल के हवन से हमें यह सिखने को मिलता है कि सांस्कृतिक परंपराएँ समाज में एकता और शांति का आधार बनती हैं। जब भी समाज में मतभेद या संघर्ष उत्पन्न हों, हमें संवाद, सहानुभूति और पारस्परिक सम्मान के माध्यम से समाधान खोजने की प्रेरणा लेनी चाहिए। युवाओं में अच्छे संस्कारों का विकास, न केवल व्यक्तिगत सशक्तिकरण का मार्ग है, बल्कि यह समाज को समृद्धि और शांति की ओर ले जाने वाला स्थायी स्तम्भ भी बनता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।