राजनीति

5 राज्यों में क्रिमिनल केस वाले 1405 उम्मीदवारों को टिकट:ADR रिपोर्ट- राजनीतिक दलों के पास 191 दागियों को प्रत्याशी बनाने की वजह नहीं

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
5 राज्यों में क्रिमिनल केस वाले 1405 उम्मीदवारों को टिकट:ADR रिपोर्ट- राजनीतिक दलों के पास 191 दागियों को प्रत्याशी बनाने की वजह नहीं

असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी चुनाव में पार्टियों ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 191 उम्मीदवारों को टिकट देने की वजह नहीं बताई। ADR ने 51 पार्टियों के 3,539 उम्मीदवारों के रिकॉर्ड की जांच की। इनमें 1,405 उम्मीदवारों ने अपने हलफनामे में क्रिमिनल केस घोषित किए थे। इनमें से 1,214 प्रत्याशियों के लिए पार्टियों ने C-7 फॉर्म में जानकारी दी, जबकि 191 यानी करीब 14% की जानकारी नहीं दी।

ADR के मुताबिक, पांचों राज्यों में तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवारों के C-7 खुलासे नहीं मिले। ADR ने यहां 1,162 उम्मीदवारों का रिकॉर्ड देखा, जिनमें 473 ने आपराधिक मामले घोषित किए थे। इसके बाद पश्चिम बंगाल में 55, केरल में 27, पुडुचेरी में 12 और असम में 10 उम्मीदवारों की C-7 जानकारी उपलब्ध नहीं थी।

पुडुचेरी में 112 उम्मीदवारों में से 39 यानी 35% ने आपराधिक मामले घोषित किए थे। इनमें सिर्फ 12 उम्मीदवारों के टिकट देने का कारण उपलब्ध था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद जानकारी अधूरी रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में राजनीतिक पार्टियों को क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों के चयन का कारण 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया था।

इनका आधार उम्मीदवार की योग्यता, उपलब्धियां और मेरिट होना चाहिए। केवल उम्मीदवार के चुनाव जीतने की संभावना को आधार नहीं बनाया जा सकता। इसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टियों को यह जानकारी अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट और अखबारों में प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। गड़बड़ कहां- उम्मीदवार कई, कारण एक जैसे ADR की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दागी उम्मीदवारों को चुनने के कारण अक्सर एक जैसे या दोहराए गए थे।

कई मामलों में उम्मीदवारों के लिए बिल्कुल एक ही भाषा का इस्तेमाल किया गया। पार्टियों ने आमतौर पर उम्मीदवार की सार्वजनिक छवि, सामाजिक कार्य, अनुभव, लोकप्रियता, योग्यता और सीट के लिए उपयुक्तता जैसे कारण बताए। जिन उम्मीदवारों की छवि साफ-सुधरी थी, उनको दागियों पर तरजीह नहीं दी गई। इसका कारण बताने में भी एक जैसी भाषा इस्तेमाल की गई।

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर बताती है कि 5 राज्यों के चुनावों में 1405 उम्मीदवारों के हलफनामे में क्रिमिनल केस दर्ज हैं, पर 191 उम्मीदवारों के लिए पार्टियों ने C‑7 फॉर्म में जानकारी नहीं दी। यह विषय चुनावी पारदर्शिता और उम्मीदवारों के पृष्ठभूमि की जाँच से जुड़ा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह पता चलता है कि कितने उम्मीदवार अपराध रिकॉर्ड के बावजूद भी चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे वोटरों को सही जानकारी न मिलने की संभावना बढ़ती है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि मतदाता अनजान में ऐसे उम्मीदवारों को वोट दे सकते

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