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राज्योत्सव 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और बॉलीवुड संगीत का संगम

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
राज्योत्सव 2026 की पहली सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और बॉलीवुड संगीत का संगम

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने के अवसर पर राजधानी रायपुर में तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। राज्योत्सव की पहली सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोकगीतों से लेकर बॉलीवुड संगीत तक का शानदार संगम देखने को मिला। छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका आरू साहू और बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

वहीं, रिदम क्वीन बैंड और महाराष्ट्र के पारंपरिक लावणी नृत्य ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने किया। इस अवसर पर उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की बात कही। वहीं, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य स्थापना के पीछे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का विकसित छत्तीसगढ़ का सपना था, जो अब साकार होता दिखाई दे रहा है।

राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। कार्यक्रम की शुरुआत गायक अनुराग शर्मा की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद रिदम क्वीन बैंड ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। महाराष्ट्र के पारंपरिक लावणी नृत्य ने देश की सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत की। वहीं, आरू साहू ने अपने छत्तीसगढ़ी गीतों से दर्शकों को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल की सुरीली आवाज और लोकप्रिय गीतों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

राज्योत्सव 2026 का शुभारंभ केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को गति देगा। उन्होंने कहा कि कभी छत्तीसगढ़ विकास की अनेक चुनौतियों से जूझ रहा था, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर छत्तीसगढ़ के शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश करने की बात कही। केंद्रीय मंत्री ने राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे होने पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।

वहीं, वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। नक्सलवाद के खात्मे के साथ बस्तर में शांति और विकास का नया दौर शुरू हो रहा है।

वन मंत्री ने कहा कि कभी बस्तर के जिन इलाकों में गोलियों और बारूद की आवाज सुनाई देती थी, अब वहां संगीत, संस्कृति और विकास की गूंज सुनाई देगी। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

राज्योत्सव के इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, दोनों उप मुख्यमंत्री, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित रहे। सभी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। छत्तीसगढ़ की लोककला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत से सजी इस शाम ने प्रदेश की 26 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और सांस्कृतिक विविधता की खूबसूरत झलक पेश की।

बाइट – डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार

बाइट – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

बाइट – केदार कश्यप, वन मंत्री, छत्तीसगढ़

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।