रामपुर जिला अस्पताल में बाहर से दवा लिखने का आरोप:घायल मरीज के तीमारदार ने कंपाउंडरों पर लगाया आरोप; CMS बोले- शिकायत मिलने पर होगी जांच
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →रामपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे घायल मरीज के तीमारदार ने बाहर से दवाइयां और इंजेक्शन लिखे जाने का आरोप लगाया है। शहजादनगर थाना क्षेत्र के दबका गांव निवासी विनोद के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10 बजे वह अपने 23 वर्षीय भाई रंजीत को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा था।
रंजीत को गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। विनोद ने बताया कि इमरजेंसी में चिकित्सकीय जांच के बाद दवाइयों का पर्चा लिखा गया। पर्चे पर लिखी दवाइयां लेने के लिए वह अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर पर पहुंचा। वहां दवाइयां, इंजेक्शन समेत अन्य सामान की कीमत करीब 600 रुपए बताई गई।
विनोद का आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद कंपाउंडरों ने ही पर्चे पर बाहर से दवाइयां लिखी थीं। उसका कहना है कि वह गरीब परिवार से है और सरकारी अस्पताल में इलाज कराने की उम्मीद से आया था, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ीं। बोले- शिकायत करें या मरीज का इलाज कराएं विनोद ने कहा कि मरीज का इलाज कराना जरूरी है, इसलिए मजबूरी में दवाइयां खरीदकर लानी पड़ रही हैं।
उसके मुताबिक, ऐसी स्थिति में यह समझना मुश्किल है कि शिकायत की जाए या पहले मरीज का इलाज कराया जाए। CMS बोले- बाहर की दवा लिखने के निर्देश नहीं जिला अस्पताल के CMS डॉ.
बी.
सक्सेना ने कहा कि अस्पताल में बाहर की दवाइयां नहीं लिखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद अगर कोई बाहर की दवा लिख रहा है तो शिकायत मिलने पर मामले को देखा जाएगा। सीएमओ डॉ.
दीपा सिंह भी कई बार अस्पताल में बाहर की दवाइयां नहीं लिखे जाने की बात कह चुकी हैं। इसके बावजूद मरीजों के तीमारदारों की ओर से इस तरह के आरोप सामने आ रहे हैं। अस्पताल में दवाइयों की उपलब्धता और इमरजेंसी में लगे सीसीटीवी कैमरों के बीच ऐसे मामलों की निगरानी और शिकायतों की जांच की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में नियमित मॉनिटरिंग और शिकायतों की जांच की जरूरत है।
📡 स्रोत: NewsData.io