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रांची में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को किया गया याद

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
रांची में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को किया गया याद

अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन, विश्व हिंदू परिषद ने अशोक सिंघल के योगदान को किया याद, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका को किया स्मरण, अशोक सिंघल को अर्पित की गई पुष्पांजलि।

Short Headline: रांची में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में अशोक सिंघल की भूमिका को किया गया याद

जन्म शताब्दी समारोह, रांची, अवधेश

अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन

विश्व हिंदू परिषद ने अशोक सिंघल के योगदान को किया याद

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन में उनकी भूमिका को किया स्मरण

अशोक सिंघल को अर्पित की गई पुष्पांजलि

एंकर रांची में विश्व हिंदू परिषद झारखंड प्रांत की ओर से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन के अग्रणी नायक अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अशोक सिंघल के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ-1 : रांची के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के केशव सभागार में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन के अग्रणी नायक अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय विशेष संपर्क प्रमुख अम्बरीश जी ने अशोख सिंघल के योगदान को याद किया।

बाइट- अम्बरीश जी

वीओ-2 : अम्बरीश जी ने अशोक सिंघल के जीवन और राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण आंदोलन में उनकी भूमिका को स्मरण किया। अम्बरीश जी ने कहा कि देश के सांस्कृतिक प्रतीकों की रक्षा करना और उनका सम्मान वापस लौटाना सभी का परम कर्तव्य है।

बाइट- अम्बरीश जी

अंतिम वीओ कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संघ चालक सच्चिदानंद अग्रवाल, केंद्रीय विशेष संपर्क प्रमुख अम्बरीश जी, कवि और रचनाकार पद्मश्री महाबीर नायक समेत बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवक और स्थानीय लोग शामिल रहे।

रांची से अवधेश गौतम की रिपोर्ट।

🎙️ जनता का संदेश का मत

अशोक सिंघल के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि संघर्ष में धैर्य और एकता की शक्ति कितनी महान है। जब किसी विवाद का सामना हो, तो शांत संवाद और सहमति से समाधान ढूंढें, न कि हिंसा से। समाज में सहिष्णुता और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देकर हम सभी के लिए एक सुरक्षित, समृद्ध भविष्य बना सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।