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'राष्ट्रपति से मिलकर खुशी हुई...', पुतिन से मिलने के बाद PM मोदी का रिएक्शन

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 17 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
'राष्ट्रपति से मिलकर खुशी हुई...', पुतिन से मिलने के बाद PM मोदी का रिएक्शन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि बिश्केक में हमारी मुलाकात के दो सप्ताह से कम समय के बाद दिल्ली में राष्ट्रपति से मुलाकात कर खुशी हुई है.

पीएम मोदी ने अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'आज की बैठक के दौरान हमने इस बारे में बात की.

आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 के कार्यान्वयन सहित घनिष्ठ व्यापार संबंध, बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग, ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भारत के प्रयासों का उद्देश्य हमारे गृह कल्याण को आगे बढ़ाना था.'

इस साल ब्रिक्स 20 साल मना रहा है

पीएम ने कहा, 'इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं. 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी, तो इसमें सिर्फ 4 देश थे. आज ब्रिक्स और उनके पार्टनर को मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है.

आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं.

इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है. BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं.

हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं.

ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं. भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है.'

Delighted to meet President Putin in Delhi, less than two weeks after our meeting in Bishkek.

During today s meeting we talked about:

Closer trade ties, including implementation of the Programme for Economic Cooperation 2030.<br

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिला है। पुतिन के साथ ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के साथ मुलाकात की खुशी जताई। यह कदम दोनों देशों के आर्थिक, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से है। भारत की विदेश नीति में यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह रूस के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को मजबूत करता है। आम जनता के लिए इसका मतलब है कि आयातित ऊर्जा, रक्षा उपकरण और निवेश के क्षेत्

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