रवि पुष्य नक्षत्र पर मोती डूंगरी गणेश मंदिर में हुआ पंचामृत अभिषेक
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जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में रवि पुष्य नक्षत्र के अवसर पर भगवान गणेश का भव्य पंचामृत अभिषेक किया गया। महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ 151 किलो दूध सहित विभिन्न सामग्री से अभिषेक संपन्न हुआ। इस दौरान 1008 मोदक अर्पित किए गए। धनतेरस से पहले रवि पुष्य नक्षत्र पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहन पूजन के लिए भी पहुंचे। वहीं, सर्दियों की शुरुआत के साथ भगवान की भोग सेवा में भी बदलाव किया गया है।
जयपुर, 1 नवंबर। जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में रवि पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आस्था और श्रद्धा का विशेष नजारा देखने को मिला। रविवार को प्रथम पूज्य भगवान गणेश का महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में विधि-विधान के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 151 किलो दूध, 21 किलो दही, 5.25 किलो घी, 21 किलो बूरा, शहद, केवड़ा और गुलाब जल से भगवान गणेश का अभिषेक संपन्न हुआ।
इसके बाद गणपति सहस्रनाम पाठ किया गया और भगवान को 1008 मोदक अर्पित किए गए। इस अवसर पर भगवान गणेश को नवीन जरदोजी की पोशाक धारण करवाई गई। स्वर्ण मुकुट से श्रृंगार कर उन्हें आकर्षक फूल बंगले में विराजमान किया गया। मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
भक्तों को निःशुल्क रक्षासूत्र भी वितरित किए गए। धनतेरस से पहले रवि पुष्य नक्षत्र के विशेष संयोग पर वाहन खरीदने वाले लोगों में भी खास उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग दोपहिया और चौपहिया वाहनों का पूजन करवाने मंदिर पहुंचे। वाहन पूजन के लिए जेएलएन मार्ग तक कतारें लगी रहीं। मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
बदलते मौसम के साथ अब भगवान गणेश की भोग सेवा में भी बदलाव किया जा रहा है। महंत कैलाश शर्मा के अनुसार, शीत ऋतु की शुरुआत को देखते हुए भगवान के इत्र में बदलाव किया गया है। अब उन्हें विशेष सुगंध वाला ऐसा इत्र लगाया जाएगा, जो गर्माहट का एहसास करवाएगा। इसके साथ ही भगवान को सर्दियों के अनुकूल विशेष भोग अर्पित किया गया।
इसमें चोले की दाल और मूंग दाल की पकौड़ियां तिल के तेल में तलकर तैयार की गईं। दीपावली के पर्व को देखते हुए मोती डूंगरी गणेश मंदिर परिसर में विशेष रोशनी और सजावट की तैयारियां भी की जा रही हैं। इसके लिए एक-दो दिन में तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी।