अपराध

रायपुर के कारोबारी को धमकी...5 करोड़ दो,वरना जान से जाओगे:तलाक की सुनवाई के बाद कोर्ट परिसर में मांगे पैसे, पत्नी के भाइयों-जीजा पर FIR

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
रायपुर के कारोबारी को धमकी...5 करोड़ दो,वरना जान से जाओगे:तलाक की सुनवाई के बाद कोर्ट परिसर में मांगे पैसे, पत्नी के भाइयों-जीजा पर FIR

तलाक की सुनवाई के बाद कारोबारी से 5 करोड़ रुपए मांगने और रकम नहीं देने पर हत्या की धमकी देने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता मुकेश संचेती ने पत्नी के भाइयों और जीजा पर धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में तमिलनाडु के कोयम्बुतुर स्थित आरएस पुरम थाने में जीरो नंबरी FIR दर्ज की गई है।

रायपुर पुलिस ने खम्हारडीह थाना में मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, मुकेश की शादी करीब 17 साल पहले सिया संचेती से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटा 15 साल और बेटी 10 साल की है। दंपती के बीच तलाक का मामला रायपुर फैमिली कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट में सुनवाई के बाद धमकी का आरोप मुकेश के मुताबिक, 27 अप्रैल 2026 को रायपुर फैमिली कोर्ट में तलाक की याचिका पर सुनवाई थी।

आरोप है कि इस दौरान पत्नी ने 5 करोड़ रुपए और गुजारा भत्ते की मांग की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पत्नी के भाई अंकित गोल्छा ने नोटरीकृत हलफनामे पर हस्ताक्षर नहीं करने पर रायपुर से सुरक्षित नहीं जाने देने की धमकी दी। आरोप है कि अंकित ने हत्या कर शव के टुकड़े करने की बात कही। वहीं, शिकायत में साडू भूरूमल कोटडिया पर भी गाली-गलौज करने और 5 करोड़ रुपए नहीं देने पर हत्या कर दफनाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

रात 3:17 बजे साले का फोन आया शिकायतकर्ता के मुताबिक, 28 अप्रैल को सुबह 3:17 बजे उनके दूसरे साले अमित गोल्छा ने फोन किया। आरोप है कि अमित ने 5 करोड़ रुपए नहीं देने पर जान से मारने और टुकड़े-टुकड़े करने की धमकी दी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसने कोयम्बुतुर में अपने गुंडे होने की बात कही।

कोयम्बुतुर में जीरो FIR दर्ज मुकेश की शिकायत पर आरएस पुरम थाने में जीरो नंबरी पर केस दर्ज किया गया। केस को रायपुर के खम्हारडीह थाना में ट्रांसफर किया गया। ट्रांसफर केस पर खम्हारडीह पुलिस ने केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरु कर दी है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)

🎙️ जनता का संदेश का मत

तलाक और वित्तीय मतभेदों के कारण उत्पन्न तनाव को शांतिपूर्ण रास्तों से सुलझाना ज़रूरी है। कानूनी प्रक्रिया, मध्यस्थता और संवाद से हिंसा की जगह समझदारी लेनी चाहिए। जब भावनाएँ उफान पर हों, तो संयम और सहानुभूति को प्राथमिकता दें। पीड़ितों के प्रति संवेदना और सहारा देना समाज की एकजुटता को दर्शाता है, जो हमें एक सुरक्षित और समरस भविष्य की ओर ले जाता है।

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।