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रेबीज से बचाव का संदेश, समय पर उपचार पर जोर

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
रेबीज से बचाव का संदेश, समय पर उपचार पर जोर

बांगड़ अस्पताल पाली में विश्व रेबीज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। चिकित्सा दल ने पशु के काटने पर घाव धोकर तुरंत अस्पताल पहुंचने और समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने की अपील की।

पाली, 28 सितम्बर। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर बांगड़ अस्पताल, पाली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को रेबीज रोग, इसके बचाव और पशु के काटने की स्थिति में समय पर उपचार लेने के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि रेबीज एक गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर उचित उपचार और टीकाकरण के माध्यम से इससे बचाव संभव है। उन्होंने कहा कि कुत्ते या किसी अन्य संक्रमित पशु के काटने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

चिकित्सा दल ने बताया कि पशु के काटने के बाद चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। साथ ही लोगों से किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार या लापरवाही से बचने की अपील की गई।

कार्यक्रम में रेबीज की रोकथाम के लिए पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाने, आवारा पशुओं के प्रति सावधानी बरतने और पशु के काटने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेने का संदेश दिया गया। जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को रेबीज से बचाव के लिए सतर्क रहने और समय पर उपचार एवं टीकाकरण करवाने के प्रति जागरूक किया गया।

बाईट - डॉ. लक्ष्मी कंवर (M.O.)

बाईट - सलीम मोहम्मद (N.S.)

बाईट - राजेंद्र सिंह

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।