रेलवे के 3 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी:10,783 करोड़ से 5 राज्यों में 656km नई रेल लाइनें बिछेंगी; 56 लाख लोगों को फायदा
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट मीटिंग हुई। इसमें रेलवे के तीन मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन प्रोजेक्ट्स के तहत पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में करीब 656km रेल लाइनें बढ़ाई जाएंगी।
इससे करीब 4,790 गांवों के 56 लाख लोगों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। खड़गपुर-झारसुगुड़ा रेल सेक्शन के बीच चौथी लाइन का निर्माण शामिल है। इसके अलावा कटनी-पेंड्रा रोड सेक्शन में भी चौथी लाइन बनाई जाएगी। वहीं, बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड सेक्शन में तीसरी लाइन का निर्माण किया जाएगा।
27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई होगी इन परियोजनाओं से हर साल करीब 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी। इससे उद्योगों तक कच्चा माल पहुंचाने और तैयार माल को बाजार तक ले जाने में मदद मिलेगी। साथ ही, माल परिवहन की लागत कम करने में भी फायदा हो सकता है। तेल आयात और कार्बन उत्सर्जन घटेगा सरकार ने रेलवे को पर्यावरण के लिहाज से बेहतर और ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम बताया है।
नई रेल लाइनों से माल और यात्रियों के परिवहन में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार के अनुमान के अनुसार, इन परियोजनाओं से हर साल करीब 12 करोड़ लीटर तेल की बचत हो सकती है। इसके अलावा 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। सरकार ने इस कमी को करीब 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर बताया है।
इससे देश के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने और लॉजिस्टिक्स लागत कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar