रेलवे का नवाचार: इटारसी में बिना अतिरिक्त खर्च तैयार हुई लोको टेस्टिंग यूनिट, तुगलकाबाद में आधुनिक डैम्पर जांच केबिन
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
भोपाल। रेल इंजनों के रखरखाव को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए पश्चिम मध्य रेल ने तकनीकी नवाचार की दो पहल की हैं। इटारसी स्थित विद्युत लोको शेड में पुराने उपकरणों के पुर्जों का पुनः उपयोग कर बिना किसी अतिरिक्त खर्च के पोर्टेबल टेस्टिंग यूनिट विकसित की गई है। वहीं, तुगलकाबाद स्थित विद्युत लोको शेड में डैम्पर की जांच के लिए धूल-मुक्त और ध्वनि-रोधी आधुनिक केबिन तैयार किया गया है। इन पहलों से उपकरणों की खराबी पहचानने, जांच की गुणवत्ता सुधारने और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।
इटारसी स्थित विद्युत लोको शेड की इलेक्ट्रॉनिक्स लैब के कर्मचारियों ने उपलब्ध पुराने पुर्जों का उपयोग कर पोर्टेबल पावर थाइरिस्टर टेस्टिंग यूनिट विकसित की है। इसकी मदद से बीएचईएल निर्मित ऑक्जिलरी कन्वर्टर में लगे चार थाइरिस्टरों की अलग-अलग जांच की जा सकती है। इससे खराब पुर्जे की पहचान करने में सुविधा होगी और मरम्मत के दौरान लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी।
इस पहल की खासियत यह है कि यूनिट तैयार करने के लिए नए उपकरणों की खरीद पर अतिरिक्त खर्च नहीं किया गया। पुराने पुर्जों का उपयोग कर उपयोगी जांच उपकरण विकसित करना उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और रेलवे कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
दूसरी पहल के तहत तुगलकाबाद स्थित विद्युत लोको शेड में डैम्पर परीक्षण के लिए पारदर्शी कांच की दीवारों वाला विशेष केबिन तैयार किया गया है। डैम्पर रेल इंजन में झटकों को नियंत्रित करने और उसकी स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके सही रखरखाव से रेल इंजन के सुरक्षित और सुचारु संचालन में सहायता मिलती है।
विशेष केबिन में नियंत्रित वातावरण के बीच डैम्पर की जांच की जा सकेगी। इसकी संरचना धूल और धातु के कणों से संवेदनशील उपकरणों को बचाने में मदद करेगी। साथ ही, ध्वनि को नियंत्रित करने और संभावित सुरक्षा जोखिम कम करने पर भी ध्यान दिया गया है। इससे जांच प्रक्रिया की गुणवत्ता और परिणामों की सटीकता बेहतर होने की उम्मीद है।
पश्चिम मध्य रेल की इन पहलों से रखरखाव प्रक्रिया में समय की बचत, तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग और कार्यस्थल पर सुरक्षा को बढ़ावा मिलने की संभावना है। उपकरणों की खराबी की समय पर पहचान और बेहतर जांच व्यवस्था रेल इंजनों की विश्वसनीयता बनाए रखने में भी सहायक हो सकती है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रेलवे के रखरखाव में नवाचार के रूप में, पश्चिम मध्य रेल ने इटारसी और तुगलकाबाद में नई तकनीकी पहलें की हैं। पहली पहल में, इटारसी के विद्युत लोको शेड में पुराने उपकरणों के पुर्जों का पुनः उपयोग करके बिना अतिरिक्त खर्च के एक पोर्टेबल टेस्टिंग यूनिट तैयार की गई है, जिससे लोको की कार्यक्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी। दूसरी पहल में, तुगलकाबाद के शेड में धूल-मुक्त और ध्वनि-रोधी आधुनिक डैम्पर जांच केबिन बनाया गया है, जिससे मेंटेनेंस कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा। इन कदमों से रखरखाव की लागत घटेगी, ट्रेन