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रेलवे विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी, 8 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं होंगी पूरी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
रेलवे विस्तार को कैबिनेट की मंजूरी, 8 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं होंगी पूरी

सितंबर 10, नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे से जुड़ी 8 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। अलग-अलग राज्यों से गुजरने वाली इन परियोजनाओं को 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन फैसलों से रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा और यात्री व माल ढुलाई दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।

दक्षिण भारत की 5 परियोजनाएंपहले फैसले के तहत तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के 17 जिलों में फैली 5 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनसे भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में करीब 540 किलोमीटर की वृद्धि होगी। परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत 10,021 करोड़ रुपये है।इनमें शामिल हैं:अरक्कोनम–रेनिगुंटा तीसरी और चौथी लाइन – 77 किमीव्हाइटफील्ड–बांगरपेट तीसरी और चौथी लाइन – 47 किमीहोसुर–ओमालूर दोहरीकरण – 147 किमीसलेम–करूर–डिंडीगुल दोहरीकरण – 159 किमीसिकंदराबाद (घाटकेसर)–काजीपेट मल्टीट्रैकिंग – 110 किमी पूर्वी और मध्य भारत की 3 परियोजनाएंकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करने वाली 3 मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है।

इनसे रेलवे नेटवर्क में करीब 656 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 10,783 करोड़ रुपये है।इनमें शामिल हैं:खड़गपुर–झारसुगुड़ा (बागदेही) चौथी लाइनकटनी–पेंड्रा रोड चौथी लाइनबिलासपुर (उसलापुर)–पेंड्रा रोड तीसरी लाइनबढ़ी हुई लाइन क्षमता से रेल यातायात में सुधार होगा और भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता बढ़ेगी।

इन परियोजनाओं से देश के कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।इसके अलावा, प्रस्तावित मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं कोयला, सीमेंट, लोहा और इस्पात जैसी प्रमुख वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण रेल मार्गों की क्षमता भी बढ़ाएंगी। इससे माल ढुलाई को गति मिलने के साथ रेलवे के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।