रीवा के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हुई एनएबीएच टीम, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का दिया भरोसा
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रीवा, 1 नवंबर। विंध्य क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में रीवा के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से उत्साहजनक खबर सामने आई है। अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्थाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और उपचार की गुणवत्ता का तीन दिनों तक निरीक्षण करने पहुंची नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की तीन सदस्यीय टीम ने व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। टीम ने अस्पताल के चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ के समर्पण एवं सेवाभाव की भी सराहना की।
निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल के विभिन्न विभागों, वार्डों, चिकित्सा कक्षों और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से मूल्यांकन किया। उपचार की प्रक्रिया, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और अस्पताल की कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। टीम में मुंबई से आए दो चिकित्सक और रायबरेली एम्स की एक महिला चिकित्सक शामिल थीं।
चिकित्सकों के समर्पण और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की सराहना
निरीक्षण के बाद एनएबीएच टीम ने कहा कि सीमित परिस्थितियों के बावजूद अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। टीम ने बिना इंसेंटिव के सेवाएं दे रहे चिकित्सकों के समर्पण और सेवा भावना को भी विशेष रूप से सराहा। टीम की यह प्रतिक्रिया अस्पताल के चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ के लिए उत्साह बढ़ाने वाली रही।
रीवा का सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल केवल जिले ही नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्र है। गंभीर बीमारियों के उपचार और विशेषज्ञ सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं का सुदृढ़ होना और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का जोर
एनएबीएच टीम के निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भी सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने रीवा की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को लेकर चर्चा की। उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल में सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विंध्य क्षेत्र के मरीजों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख न करना पड़े और उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही मिल सकें।
अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, उच्च गुणवत्ता वाले संसाधनों और उपचार सुविधाओं को लगातार उन्नत करने पर भी जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर गर्ग, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. वी.डी. त्रिपाठी, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला, न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रंजीत झा, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक सिंह, डॉ. आशीष घनघोरिया सहित मेडिकल स्टाफ के सदस्य सत्या, पवन त्रिपाठी और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।