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रीवा विधानसभा की नल-जल योजनाएं 26 जनवरी तक पूरी करें, देरी पर जिम्मेदारी तय होगी: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
रीवा विधानसभा की नल-जल योजनाएं 26 जनवरी तक पूरी करें, देरी पर जिम्मेदारी तय होगी: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

23 गांवों की विस्तारित योजना में देरी पर जांच के निर्देश, बेहतर जल प्रबंधन करने वाली पंचायतों को 5-5 लाख रुपये तक की विधायक निधि देने की घोषणा

रीवा/भोपाल, 22 अक्टूबर 2026। रीवा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाने के लिए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि नल-जल योजनाओं का निर्माण कार्य 26 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ मिल सके।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि रीवा विधानसभा क्षेत्र के 23 गांवों की विस्तारित नल-जल योजना को शासन से 3 अक्टूबर 2023 को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं हो पाए। उन्होंने इस देरी को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को तीन वर्षों तक कार्य शुरू नहीं होने के कारणों की जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि जिन नल-जल योजनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें तत्काल ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और उनका नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचना चाहिए। इसके लिए निर्माण के साथ-साथ योजनाओं के प्रभावी संचालन और रखरखाव पर भी ध्यान देना जरूरी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने सरपंचों को गांवों में स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति सुधारने के लिए ‘सुमन पंचायत’ बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने सरपंचों से अपने पंचायत क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों का नियमित भ्रमण करने को कहा। गर्भवती महिलाओं की सभी आवश्यक जांचें समय पर कराने, प्लेटलेट्स की जांच सुनिश्चित करने और ग्राम पंचायतों को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कुपोषण मुक्त पंचायत बनाने पर शासन की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि रीवा विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन की योजनाओं का बेहतर संचालन करने वाली प्रत्येक ग्राम पंचायत को विधायक निधि से पांच लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य पंचायतों को जलापूर्ति व्यवस्था के नियमित संचालन, रखरखाव और जवाबदेही के लिए प्रोत्साहित करना है।

बैठक में बताया गया कि 22 जून 2026 से नई एसओआर दरें लागू होने के बावजूद ग्रामीण विकास विभाग के उपयंत्रियों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है। सरपंचों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को बताया कि पूरी हो चुकी नल-जल योजनाओं के कनेक्शनों की सूची ग्राम पंचायतों को नहीं मिली है। इसके कारण जलकर की वसूली में कठिनाई आ रही है।

इस पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सृष्टि देशमुख ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पूर्ण हो चुकी नल-जल योजनाओं की सूची एक सप्ताह के भीतर ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नए नियमों के अनुसार पानी समिति का गठन ग्राम पंचायत करेगी और सरपंच समिति के अध्यक्ष होंगे। एकल नल-जल योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी तथा प्रत्येक घर से 100 रुपये जलकर वसूल किया जाएगा।

बैठक में योजना प्रभारी राजेश पांडेय ने ग्रामवार प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। इस दौरान जनपद पंचायत रीवा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी पूनम दुबे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारी, उपयंत्री, 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और संविदाकार उपस्थित रहे।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

रीवा विधानसभा क्षेत्र में नल-जल योजनाओं को 26 जनवरी तक पूरा करने का आदेश उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दिया है। यह कदम जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण जल प्रबंधन को तेज करने के लिए है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे 23 गांवों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और जल संकट कम होगा। जनता पर इसका असर सकारात्मक होगा: घर-घर में साफ पानी पहुँचने से स्वास्थ्य सुधार, समय और मेहनत की बचत, और पंचायतों को 5-5 लाख रुपये तक की निधि मिलने से स्थानीय जल प्रबंधन में सुधार होगा।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।