रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुईं नुसरत भरूचा, रिकवरी में लगेगा टाइम
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एक्ट्रेस नुसरत भरूचा की हाल ही में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हुई. उनकी सर्जरी सक्सेसफुली हुई. अब नुसरत हॉस्पिटल से घर आ गई हैं. एक्ट्रेस की टीम ने अपडेट दिया है.
उन्होंने बताया कि नुसरत हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो गई हैं और वो अब रिकवरी पर फोकस कर रही हैं.
नुसरत की टीम ने बताया, 'दुर्भाग्यपूर्ण एक्सीडेंट के बाद मुश्किल और चैलेंजिंग दौर से गुजरने के बाद नुसरत भरुचा की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी सक्सेसफुली हो गई थी.
हमें ये बताते हुए राहत मिल रही है कि सर्जरी अच्छी रही. अब वो अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई हैं. नुसरत घर वापस आ गई है. उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है. अब नुसरत अपनी हेल्थ पर फोकस कर रही हैं. वो रिकवरी पर ध्यान दे रही हैं.
उन्हें पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा. नुसरत पॉजिटिव हैं.
इस मुश्किल समय में उन्हें जो ढेर सारा प्यार, प्रार्थनाएं और शुभकामनाएं मिली हैं, उसके लिए हम आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं.'
नुसरत के साथ क्या हुआ था?
बता दें कि नुसरत भरूचा काम से और छुट्टियां मनाने बाली गई थीं. इस दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था. वो बाली में हॉस्पिटल में एडमिट हुईं. इसके बाद उन्हें एयर एम्बुलेंस मुंबई लाया गया.
मुंबई में उनकी रीढ़ की हड्डी की सर्जरी हुई. अब सर्जरी हो गई है और वो रिकवर कर रही हैं.
नुसरत भरूचा के काम की बात करें तो नुसत को लास्ट टाइम 'उफ्फ ये सियापा' में देखा गया था. ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर आई थी. फिल्म 31 अक्तूबर 2025 को रिलीज हुई थी.
फिल्म में सोहम शाह और नोरा फतेही थे. इस फिल्म में नुसरत ने 'पुष्पा' का किरदार निभाया है.
अब नुसरत को अनटाइटल्ड एक्शन फिल्म में टाइगर श्रॉफ के अपोजिट फिल्म में देखा जाएगा. फिल्म को रेमो डिसूजा डायरेक्ट कर रहे हैं.
फिल्म को विक्की जैन के नए बैनर 'वीजे फ्रेम्स' (VJ Frames) के तहत प्रोड्यूस किया जा रहा है. फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है
📡 स्रोत: ABP Live Film
💡 पृष्ठभूमि (Background)
नुसरत भरूचा, प्रसिद्ध एक्ट्रेस, ने हाल ही में रीढ़ की हड्डी की सर्जरी कराई और सफलतापूर्वक अस्पताल से डिस्चार्ज हो गईं। यह विषय स्वास्थ्य और प्रसिद्ध व्यक्तियों के संघर्ष पर प्रकाश डालता है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि गंभीर चोट के बाद भी सही चिकित्सा और समर्थन से स्वास्थ्य सुधार संभव है। आम जनता पर इसका असर प्रेरणादायक हो सकता है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति आशावादी दृष्टिकोण अपनाने और समय पर उपचार की महत्ता समझने में मदद मिलेगी।