अपराध

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के मामले में एक महीने बाद पुलिस को बड़ी सफलता, आगरा से आरोपी वरुण वाल्मीकि गिरफ्तार

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 3 नवंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के मामले में एक महीने बाद पुलिस को बड़ी सफलता, आगरा से आरोपी वरुण वाल्मीकि गिरफ्तार

भोपाल पुलिस ने नौ राज्यों में की तलाश, 2,500 से अधिक CCTV कैमरे खंगाले; भोपाल लाते समय पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश में शॉर्ट एनकाउंटर, आरोपी घायल

भोपाल, 3 नवंबर 2026। भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एक महीने से अधिक समय तक लगातार तलाश के बाद मुख्य आरोपी वरुण वाल्मीकि को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को भोपाल लाते समय मुगलिया छाप के पास उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने और पुलिस टीम पर हमला करने का प्रयास किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस कमिश्नरेट भोपाल के अनुसार, 29 और 30 सितंबर 2026 की दरमियानी रात सूरज नगर स्थित राकेश अग्रवाल के घर पर यह घटना हुई थी। 30 सितंबर को उनके घर में उनका शव मिलने की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। एफएसएल, फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पोस्टमार्टम और प्रारंभिक जांच के आधार पर घर में केयरटेकर के रूप में काम करने वाले वरुण कुमार के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

एक महीने तक नौ राज्यों में तलाश, 2,500 से अधिक कैमरों की जांच

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और जोन-1 पुलिस की एक दर्जन से अधिक टीमें लगातार काम कर रही थीं। पुलिस ने मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक सहित नौ राज्यों में उसकी तलाश की। इस दौरान 2,500 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए और एक सैकड़ा से अधिक संदिग्धों, परिचितों तथा आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ की गई।

जांच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी रात करीब 2:30 बजे घर से निकला था और सुबह लगभग 4:12 बजे रेलवे स्टेशन पर केरल एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों, पुराने कार्यस्थलों, मित्रों और रिश्तेदारों के संबंध में जानकारी जुटाई। ग्वालियर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, जयपुर, अलवर, पुणे और पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने तलाश की। कुछ टीमों ने अपनी पहचान छिपाकर भी संदिग्ध स्थानों पर निगरानी रखी।

आगरा-मथुरा मार्ग पर घेराबंदी कर पकड़ा

पुलिस को आगरा में आरोपी के देखे जाने की विश्वसनीय सूचना मिली। इसके बाद विभिन्न टीमों को एकत्र कर संभावित स्थानों और रास्तों पर घेराबंदी की गई। आगरा-मथुरा मार्ग पर कचरे का बैग लेकर जाते हुए आरोपी दिखाई दिया। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाया जा रहा था। इसी दौरान मुगलिया छाप के निकट उसने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनने और भागने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें आरोपी घायल हो गया।

हाउसकीपिंग एजेंसी के माध्यम से मिला था काम

पुलिस जांच में सामने आया कि वरुण भोपाल की वर्मा होम हेल्थकेयर हाउसकीपिंग एजेंसी के माध्यम से राकेश अग्रवाल के घर पर केयरटेकर के रूप में काम कर रहा था। पुलिस ने एजेंसी संचालक सहित आरोपी के पूर्व कार्यस्थलों और संपर्कों से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की। आरोपी पर गिरफ्तारी की सूचना देने के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, अब तक की पूछताछ में आरोपी ने मृतक के प्रति नाराजगी और दुर्भावना को घटना का कारण बताया है। पुलिस मामले में उससे विस्तृत पूछताछ कर रही है। आरोपी के पूर्व कार्यस्थलों से जुड़े कुछ अन्य संदिग्ध व्यवहार और घटनाओं की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिनका सत्यापन किया गया है।

इस कार्रवाई में पुलिस आयुक्त संजय कुमार और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेन्द्र सिंह चौहान के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त जोन-1 अखिल पटेल के निर्देशन में क्राइम ब्रांच और जोन-1 की टीमों ने काम किया। कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध शाखा शैलेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-1 रश्मि अग्रवाल दुबे, सहायक पुलिस आयुक्त टीटी नगर अंकिता खातरकर, सहायक पुलिस आयुक्त चंद्रभान सिंह चढ़ार तथा थाना प्रभारी रातीबड़ रास बिहारी शर्मा सहित कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की भूमिका रही।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।