अपराध

रीवा में वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार से बिछड़ी 60 वर्षीय महिला को परिजनों तक पहुंचाया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
रीवा में वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार से बिछड़ी 60 वर्षीय महिला को परिजनों तक पहुंचाया

वन स्टॉप सेंटर ने बिछड़ी महिला को परिवार से मिलाया

काउंसलिंग से मिली पहचान, परिवार तक पहुंची महिला

रीवा में 60 वर्षीय महिला का परिवार से पुनर्मिलन

सामूहिक प्रयासों से महिला सुरक्षित परिजनों तक पहुंची

रीवा में वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार से बिछड़ी 60 वर्षीय महिला को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाया गया। गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में भटकती मिली महिला को पुलिस ने 18 सितंबर को वन स्टॉप सेंटर पहुंचाया था। महिला शुरुआत में अपना नाम-पता और परिवार की जानकारी स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। सेंटर की टीम ने देखभाल और काउंसलिंग के जरिए जानकारी जुटाई। काउंसलिंग के दौरान महिला ने अपना नाम शकुंतला गुप्ता बताया। इसके बाद विभिन्न थानों से संपर्क कर परिवार की तलाश शुरू की गई। प्रयासों के बाद परिजन सेंटर पहुंचे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर 22 सितंबर को महिला को परिवार के साथ भेजा गया।

------ बाइट: श्रुति मिश्रा, प्रशासक, वन स्टॉप सेंटर रीवा

बाइट: डॉ. गुरकरन सिंह, पुलिस अधीक्षक, रीवा

बाइट: शैलो गुप्ता, बेटी बाइट: सेठा प्रसाद गुप्ता, दामाद

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🎙️ जनता का संदेश का मत

रीवा में वन स्टॉप सेंटर की पहल ने 60‑वर्षीय महिला को सुरक्षित परिजनों तक पहुँचाया, यह दिखाता है कि समाज के समन्वित प्रयासों से अनाथ और भटके हुए लोगों को फिर से परिवार के साथ जोड़ना संभव है। यह उदाहरण हमें याद दिलाता है कि जब कोई व्यक्ति खो जाता है, तो हमें उसे ढूंढने के लिए कानूनी और सामाजिक साधनों का सहारा लेना चाहिए—सामूहिक जागरूकता, पुलिस सहयोग और परामर्श सेवाएँ। इस तरह के सहयोग से हम समाज को और अधिक मानवीय और सुरक्षित बना सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।